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मुक्ती की तीव्र इच्छा रखने वाले साधको के लिए....

स्वसंवाद जीवनाचे

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मुक्ती की तीव्र इच्छा रखने वाले साधको के लिए....

15 просмотров · 13 дней назад
स्वसंवाद जीवनाचे
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मुक्ति के मार्ग पर चलने वाले साधकों के लिए समर्थ रामदास स्वामी जी रचित 'मनाचे श्लोक' (194 से 197) का अत्यंत दिव्य और गूढ़ भावार्थ। ​इस संदेश में जानिए कि कैसे 'आकाश तत्व' का नित्य ध्यान और चिंतन करने से देहबुद्धि समाप्त होकर देवबुद्धि और ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति होती है। सद्गुरु के स्व-अनुभव के माध्यम से समझिए कि प्रभु श्री राम किस प्रकार सर्वव्यापी आकाश रूप हैं और कैसे हम सांसारिक उलझनों से परे होकर उस अनंत, निराकार चेतना में लीन हो सकते हैं। ​मुख्य विषय: ​समर्थ रामदास स्वामी जी के मनाचे श्लोक (194 - 197) ​देहबुद्धि से देवबुद्धि की ओर यात्रा ​आकाश तत्व का रहस्य और उन्मनी अवस्था का स्व-अनुभव ​पंचतत्वों का आध्यात्मिक बोध... युट्युब के पोस्ट ऑप्शन मे भी इस इस व्हिडिओ पर मराठी लेख मे विवरण किया गया है जय सनातन संस्कृती 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌸🌸🌸🇮🇳🇮🇳🌼🌼🌼