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आपका वोट भी कट सकता है? | बंगाल में 38 लाख नाम, RTI का चौंकाने वाला सच | Kapil Sibal

Judgement Law commonsense

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आपका वोट भी कट सकता है? | बंगाल में 38 लाख नाम, RTI का चौंकाने वाला सच | Kapil Sibal

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कपिल सिब्बल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) पर बड़े सवाल उठाए — उनका दावा है कि लाखों वैध वोटरों के नाम बिना ठोस सबूत के काट दिए गए। एक RTI जवाब के आँकड़े सामने रखते हुए उन्होंने पूछा — अगर इस तरह लाखों-करोड़ों नाम हटाए जा सकते हैं, तो फिर चुनाव का मतलब ही क्या रह जाता है? मामला क्या है: पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए गए कांग्रेस सांसद द्वारा हासिल एक RTI जवाब (7 अगस्त 2026 तक के आँकड़े) पर सिब्बल का यह दावा आधारित है अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने कुल ~38 लाख अपीलें; अब तक सिर्फ ~2% का निपटारा जिन मामलों का फैसला हुआ, उनमें से लगभग 91% में नाम दोबारा जोड़े गए — यानी वे डिलीशन ही गलत थे इस वीडियो में: सिब्बल की पूरी दलील — "BLO खुद इतने बड़े पैमाने पर नाम नहीं काट सकता, आदेश ऊपर से आया" SIR आखिर है क्या, और अपील-ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया कैसे काम करती है — आसान भाषा में उन जिलों का पैटर्न जहाँ निपटारा सबसे धीमा रहा (मुर्शिदाबाद, मालदा आदि) तीसरे चरण के शुरुआती आँकड़े (दिल्ली, पंजाब) और आम वोटर के लिए इसका मतलब तथ्यात्मक पृष्ठभूमि: SIR वोटर लिस्ट को नए सिरे से जाँचने और सुधारने की प्रक्रिया है। ऊपर दिए गए आँकड़े एक RTI जवाब पर आधारित हैं और ये श्री सिब्बल के अपने दावे व उनकी व्याख्या हैं — इनका फैसला संबंधित ट्रिब्यूनल और अदालतें ही करेंगी। चुनाव आयोग से जिलेवार पूरा ब्यौरा इसी दौरान अलग से माँगा गया है। हम इसी पूरी प्रक्रिया को — बिना शोर, बिना पक्षपात — आसान भाषा में समझा रहे हैं। JLC (Judgment Law Commonsense) पर हम हर बड़ी कानूनी और संवैधानिक खबर को आसान भाषा में समझाते हैं — कानून, आपकी भाषा में। ⚖️ अस्वीकरण: यह वीडियो कपिल सिब्बल की सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और एक RTI जवाब पर आधारित विश्लेषण है। इसमें प्रस्तुत आरोप और निष्कर्ष श्री सिब्बल के अपने दावे हैं, इन्हें प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है; चुनाव आयोग व अन्य पक्षों का दृष्टिकोण भिन्न हो सकता है। SIR से जुड़ा मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन रहा है — इस वीडियो का उद्देश्य किसी अदालत, संस्था, अधिकारी या व्यक्ति की अवमानना या मानहानि नहीं है। #KapilSibal #SIR #VoterList Connect with us: 🏛️ Website: www.lawkhabar.co.in 📸 Instagram: www.instagram.com/jlccourtroom/ 📘 Facebook: www.facebook.com/samit.chakraborty.39545/ **Disclaimer**: All content is intended for informational and educational purposes only and does not constitute legal advice. Please consult a qualified attorney for specific legal advice. Thank you for watching and supporting our channel! Don't forget to like, comment, and subscribe for more insightful content.