Перейти к содержимому

रामायण लंका काण्ड भाग-3 | रामायण का षष्ठ अध्याय | लंका पर चढ़ाई और महायुद्ध

Ramayan

0:00 / 0:00

रामायण लंका काण्ड भाग-3 | रामायण का षष्ठ अध्याय | लंका पर चढ़ाई और महायुद्ध

134 369 просмотров · 3 дня назад
Ramayan
5,36 млн подписчиков
134 369 просмотров · 3 дня назад
रामानंद सागर प्रस्तुत रामलीला रामानंद सागर की अमर प्रस्तुति रामायण से चुने गए भगवान श्रीराम के जीवन के दिव्य, भावपूर्ण और अविस्मरणीय प्रसंगों का विशेष संकलन। राम जन्म से लेकर वनवास, माता सीता हरण, हनुमान जी की भक्ति, लंका विजय और श्रीराम के अयोध्या लौटने तक की पावन गाथा को इस विशेष रामलीला में अनुभव कीजिए। श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी, हनुमान जी और रामायण के अन्य दिव्य पात्रों के माध्यम से देखिए भक्ति, धर्म, प्रेम, त्याग, साहस, सत्य और मर्यादा की कालजयी गाथा। रामानंद सागर की अनुपम प्रस्तुति में रामायण के इन पवित्र प्रसंगों को फिर से देखिए और प्रभु श्रीराम की दिव्य लीलाओं, आदर्श जीवन और मर्यादा पुरुषोत्तम के महान चरित्र का आनंद लीजिए। रावण युद्ध को जितने के लिए अपने भाई कुम्भकर्ण को जगाने के आदेश दे देता है। कुम्भकर्ण को रावण की सेना उठा देती है और रावण का दूत कुम्भकर्ण को बताता है की रावण और श्री राम के बीच युद्ध हो रहा है और उसका कारण रावण द्वारा सीता का हरण करना है। कुम्भकर्ण अपने भाई से मिलने के लिए जाता है और उसे समझाने की कोशिश करता है लेकिन रावण नहीं मानता तो कुम्भकर्ण अपने भाई का साथ देने के लिए युद्ध में चला जाता है। कुम्भकर्ण युद्ध में आता है तो विभीषण अपने भाई को श्री राम से युद्ध ना करने की सलाह देता है तो कुम्भकर्ण उसे समझाता है की वह उसकी तरह अपने भाई का साथ नहीं छोड़ सकता। कुम्भकर्ण श्री राम में युद्ध होता है तो श्री राम उसे मार देते हैं। कुम्भकर्ण की मृत्यु पर विभीषण विलाप करता है तो श्री राम उसे सांत्वना देते हैं। कुम्भकर्ण की मृत्यु के बाद रावण अपने बहुत से वीरों को भेजता है जिसे कुम्भ निकुम्भ लेकिन उनका भी वध श्री राम के वीर वानर कर देते हैं। तावान का महाबली पुत्र अतिकाय आता है तो युद्ध का रूप ही बदल जाता है। विभीषण श्री राम को अतिकाय का परिचय देता है। अतिकाय को मारने के लिए लक्ष्मण आगे आता है दोनों में युद्ध शुरू हो जाता है तो अतिकाय की माया को देखते हुए हनुमान जी लक्ष्मण को अपने काँधे पर बैठा कर युद्ध में लड़ने के लिए ले जाते हैं ताकि दोनों का युद्ध बराबर को सके। लक्ष्मण अतिकाय को ब्रह्मास्त्र से मार देते हैं। विभीषण अपनी लंका का विनाश होते देख रहा था और यह देख दुःखी था। रावण का अकेला पुत्र मेघनाध बचा था जिसकी चिंता में रावण उसे युद्ध में नहीं भेजना चाहता था लेकिन मेघनाध अपने पिता को समझाते हुए युद्ध में जाने के लिए मना लेता है अपने पिता के प्रति स्नेह एवं पित्र भक्ति को साबित करता है। मेघनाध युद्ध में आता है तो वह श्री राम और लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकारता है। इंद्रजीत से लड़ने के लिए श्री राम लक्ष्मण को भेजते हैं दोनों में युद्ध शुरू हो जाता है। मेघनाध अपनी माया का इस्तेमाल करता है और श्री राम और लक्ष्मण को नागपाश में बांध देता है। वानर सेना श्री राम और लक्ष्मण को वहाँ से उठा कर ले जाते हैं और चिंता में पड़ जाते हैं की अब क्या होगा। मेघनाध अपनी विजय का उत्साह मनाते हुए वापस लौट आता है। #ramayan #ramanandsagar #shriram #jayshriram #sitaram #ramkatha #ramayankatha #sampoor nramayan #uttarramayan #hanuman #sanatandharma #hindumythology #devotional #divyabharat