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आज की मुरली का सार – 10 सितम्बर 2026 | Hindi Spiritual Podcast

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आज की मुरली का सार – 10 सितम्बर 2026 | Hindi Spiritual Podcast

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🌸 आज की मुरली का सार – 10 सितम्बर 2026 🌸 गृहस्थ व्यवहार में रहते पवित्र बनो | एक जन्म की पवित्रता से स्वर्ग की बादशाही पाओ | सम्पूर्ण वफादार बनकर हर संकल्प, समय, शब्द और कर्म ईश्वरीय सेवा में लगाओ | Hindi Spiritual Podcast | Brahma Kumaris आज की मुरली (10-09-2026) में शिवबाबा समझाते हैं कि बाप बच्चों को पुजारी से पूज्य और फिर से पूज्य बनने की पूरी कहानी समझाने आए हैं। इस समय भक्ति मार्ग का अज्ञान-अंधियारा समाप्त हो रहा है और ज्ञान का सवेरा हो रहा है। ज्ञान सूर्य प्रगट हुआ है और आत्माओं को अपने वास्तविक स्वरूप तथा अपने 84 जन्मों के पार्ट का ज्ञान मिल रहा है। बाप ही पतित आत्माओं को पावन बनाकर मुक्ति और जीवनमुक्ति का रास्ता बताते हैं। आज का विशेष प्रश्न है कि गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए पवित्र रहना दुनिया वालों को असम्भव लगता है, लेकिन बच्चे इसे सहज धारण कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि एक जन्म की पवित्रता के बदले स्वर्ग की बादशाही मिलती है। बाबा कहते हैं कि यह बहुत सस्ता सौदा है। काम महाशत्रु है, इसलिए गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी पवित्रता को धारण करना है और इस अंतिम जन्म में फरिश्ता बनने का पुरुषार्थ करना है। आज की धारणा में विशेष संदेश है कि एक बाप से ही सच्ची सत्य नारायण की कथा और अमरकथा सुननी है तथा बाकी जो कुछ सुना है उसे भूल जाना है। बाप ज्ञान सागर हैं और वही अमरकथा सुनाकर सेकेण्ड में नर से नारायण बनने की विधि समझाते हैं। सतयुगी बादशाही प्राप्त करने के लिए इस एक जन्म में पवित्र रहना है और फरिश्ता बनने का पुरुषार्थ करना है। ज्ञान के आधार पर आत्मा फिर से पूज्य और सतोप्रधान बनने की ओर बढ़ती है। आज के वरदान में बाबा “हर संकल्प, समय, शब्द और कर्म द्वारा ईश्वरीय सेवा करने वाले सम्पूर्ण वफादार भव” बनने की प्रेरणा देते हैं। सम्पूर्ण वफादार वही है जो अपने किसी भी संकल्प, समय, शब्द या कर्म को व्यर्थ नहीं जाने देता। जन्म से लेकर जीवन के हर क्षण को ईश्वरीय सेवा में सफल करना है। एक सेकण्ड या एक पैसा भी व्यर्थ जाए तो उसे छोटी बात नहीं समझना है, बल्कि हर चीज़ को सफल करने वाला बनना है। स्लोगन है—“श्रीमत को यथार्थ समझकर उस पर कदम-कदम चलने में ही सफलता समाई हुई है।” मातेश्वरी के महावाक्य में बताया गया है कि सच्चे राजऋषि सतयुग में होते हैं, जहाँ आत्मा विकारों को जीतकर कमल के फूल समान जीवनमुक्त अवस्था में राजाई चलाती है। अव्यक्त इशारे में बाबा अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करने की प्रेरणा देते हैं—पुण्य के बदले प्रशंसा लेने की कामना नहीं रखनी है। सागर के समान सम्पन्न बनकर सदा देते रहना है और अपने हर बोल व कर्म से दूसरों को खुशी, बाप के स्नेह और अतीन्द्रिय सुख का अनुभव कराना है। इस पॉडकास्ट में सुनिए: 1️⃣ पुजारी से पूज्य बनने और ज्ञान के सवेरे का आध्यात्मिक रहस्य 2️⃣ गृहस्थ व्यवहार में रहते हुए पवित्र बनने की सहज युक्ति 3️⃣ एक जन्म की पवित्रता से स्वर्ग की बादशाही प्राप्त करने का पुरुषार्थ 4️⃣ सत्य नारायण की कथा और अमरकथा द्वारा नर से नारायण बनने की विधि 5️⃣ हर संकल्प, समय, शब्द और कर्म को ईश्वरीय सेवा में लगाने का अभ्यास 6️⃣ श्रीमत पर कदम-कदम चलकर सफलता पाने और दाता स्वरूप बनने की प्रेरणा 🎧 पूरी मुरली सुनें यहाँ: https://murli.bkoceans.com/#hi/2026-0... बीके ओशन्स के व्हाट्सऐप चैनल से जुड़ें। 📲 Follow the BK Oceans WhatsApp Channel: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VbBF... 🙏 LIKE • SHARE • SUBSCRIBE करें 💫 ✨ सितम्बर 2026 में प्रतिदिन मुरली सार, चिंतन और आत्मिक शुद्धता के लिए जुड़े रहें ✨ #AajKiMurli #MurliPodcast #SeptemberMurli #SpiritualPodcast #BrahmaKumaris आज की मुरली सार, 10 सितम्बर मुरली, पुजारी से पूज्य, पूज्य से पुजारी, गृहस्थ में पवित्र रहो, पवित्रता, एक जन्म की पवित्रता, स्वर्ग की बादशाही, काम महाशत्रु, फरिश्ता बनो, सत्य नारायण की कथा, अमरकथा, नर से नारायण, ज्ञान सागर, ज्ञान सूर्य, ज्ञान का सवेरा, 84 जन्म, सतयुगी बादशाही, ईश्वरीय सेवा, सम्पूर्ण वफादार, संकल्प समय शब्द कर्म, श्रीमत, श्रीमत पर चलो, राजऋषि, जीवनमुक्त अवस्था, दाता स्वरूप, सागर समान सम्पन्न, अतीन्द्रिय सुख, रूहानी आनन्द, शिव बाबा मुरली, ब्रह्मा कुमारिस मुरली, BK Murli Hindi, Murli Saar, Murli Revision, Murli Points, Murli Meditation, Murli Explained, आत्मिक शक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान, Brahma Kumaris Spiritual Knowledge