Перейти к содержимому

बदला लेने के लिए पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग! दुश्मन ने एक सेकंड में घुटने टेककर रहम की भीख मांगी।!

भावनाओं का ड्रामा

0:00 / 0:00

बदला लेने के लिए पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग! दुश्मन ने एक सेकंड में घुटने टेककर रहम की भीख मांगी।!

5 397 просмотров · 14 ч назад
भावनाओं का ड्रामा
474 тыс. подписчиков
5 397 просмотров · 14 ч назад
तियानहाई शहर में पाँच साल पहले ली येनान की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि अपने ही ‘भाई’ झोउ होंगबिन और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की रची गई साजिश थी। पाँच साल तक गुमनाम रहकर, गुरु जिंगलॉन्ग की कड़ी छाया में तपकर ली फेई लौटता है—अब वह ताकत, धैर्य और रणनीति का नया चेहरा है। उसकी पहली चोट सीधे उन खानदानों पर पड़ती है जिनकी मिलीभगत ने उसके परिवार को तोड़ा: झोउ घराने के सौदे डगमगाते हैं, यांग घराने की चालें पलटती हैं, और ह्वांग गुट की हठ भी धीरे-धीरे ढहती दिखती है। हर कदम खुली लड़ाई नहीं, बल्कि बोर्डरूम, साख और नियमों की जंग बनता है। मगर असली डोर किसी और के हाथ में है—झूगे कुल, जिसकी परछाई शहर की हर ऊँची इमारत पर फैलती है। इसी बीच, ली फेई अपनी गुमशुदा माँ के सुराग जोड़ता है, और एक पुरानी सगाई से जुड़ी नामी सोशलाइट का तिरस्कार उसे नए घाव देता है। क्या उसके पिता की मौत बस एक बड़े खेल की शुरुआत थी? क्या माँ तक पहुँचने से पहले झूगे अपनी आख़िरी चाल चल देंगे? जब सच सामने आएगा, दोस्त और दुश्मन की रेखा कहाँ मिटेगी?