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संत यहां पर धूणी तपे है सांझ सवेरे यहां अलख जगे है। केशव दास जी महाराज।

𝗥𝗝𝟯𝟯 𝗕𝗛𝗔𝗝𝗔𝗡

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संत यहां पर धूणी तपे है सांझ सवेरे यहां अलख जगे है। केशव दास जी महाराज।

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