लरकदोंद में परगई बात/ बुंदेली हास्य गीत/ Brajesh Acharya ji
Sangeetachary Brijesh Kumar
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लरकदोंद में परगई बात/ बुंदेली हास्य गीत/ Brajesh Acharya ji
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Sangeetachary Brijesh Kumar
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larakdond me par gai bat
hamen lagst ab ghurua jat
Bundelkhandi fanny song
लरकदोंद में परगई बात
हमें लगत अब घुरुवा जात
का कर पारऔ उनकौ कोऊ
लरका जिद्दी परगये दोऊ
बे काऊ खों नईं डरात
हमें लगत अब घुरुवा जात
दऔ उन्नें हम्में जब ढक्का
बचे मरत सें हमतौ कक्का
मोय तौ बैसईं चक्कर आत
हमें लगत अब घुरुवा जात
जिद्दै चढ़गई अबतौ बात
ऊपर सें लरकन की जात
रोके सें जांदा खरयात
हमें लगत अब घुरुवा जात
इज्जत कौ का हुज्जै यार
बे दो हते और हम चार
छोटी मोटी नइयां बात
हमें लगत अब घुरुवा जात
चलो उनईं सें जाकें कइयें
न हो तौ इस्तीफा दइयें
मोय नौकरी नईं जा भात
हमें लगत अब घुरुवा जात
रचनाकार
संगीताचार्य बृजेश कुमार
Lyrics
sangitacharya Brajesh Kumar