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आपके मुंह के शब्दों में सामर्थ है | जो बोलोगे, वही होगा

Spiritual life with Jesus

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आपके मुंह के शब्दों में सामर्थ है | जो बोलोगे, वही होगा

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Join this channel to get access to perks:    / @spirituallifewithjesusjesus   JESUS ने कहा मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ | आपके मुँह के फल में सामर्थ है | जो बोलोगे, वही होगा क्या आपने कभी सोचा है कि *आपके शब्द आपके जीवन पर कितना प्रभाव डाल सकते हैं?* बाइबल हमें सिखाती है कि हमारे मुँह से निकलने वाले शब्द केवल आवाज़ नहीं हैं—हमारे शब्द हमारे विश्वास, हमारे हृदय और हमारी सोच को प्रकट करते हैं। इस शक्तिशाली संदेश *“JESUS ने कहा मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ | आपके मुँह के फल में सामर्थ है | जो बोलोगे, वही होगा”* में हम पवित्र बाइबल के अनुसार समझेंगे कि हमें अपने शब्दों के प्रति इतना सावधान क्यों रहना चाहिए और विश्वास के साथ बोले गए परमेश्वर के वचन का हमारे जीवन में क्या महत्व है। 🙏🔥 📖 *मरकुस 11:23* में यीशु ने विश्वास के विषय में सिखाया कि यदि कोई अपने हृदय में विश्वास रखे और संदेह न करे, तो परमेश्वर पर विश्वास रखने से असंभव दिखाई देने वाली परिस्थितियों के सामने भी विश्वास की घोषणा की जा सकती है। 📖 *नीतिवचन 18:21* कहता है: *“जीवन और मरण जीभ के वश में हैं।”* इसका अर्थ यह नहीं कि मनुष्य अपने शब्दों से अपनी इच्छा के अनुसार हर चीज़ को स्वतः पूरा कर सकता है। बल्कि बाइबल हमें सिखाती है कि हमारे शब्द हमारे विश्वास और हृदय की स्थिति को प्रकट करते हैं। इसलिए हमें निराशा, भय और अविश्वास के शब्दों के बजाय *परमेश्वर के वचन और विश्वास के अनुसार बोलना सीखना चाहिए।* इस संदेश में जानिए: 🔥 आपके मुँह के शब्द इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं? 📖 बाइबल “जीभ के फल” के बारे में क्या सिखाती है? 🙏 विश्वास और आपके बोले हुए शब्दों के बीच क्या संबंध है? ❤️ नकारात्मक शब्द हमारे सोचने के तरीके को कैसे प्रभावित कर सकते हैं? 🙌 कठिन परिस्थितियों में परमेश्वर के वचन को कैसे बोलें? 💡 अपनी बातचीत को बाइबल के अनुसार कैसे बदलें? 🔥 भय के बजाय विश्वास की घोषणा करना क्यों जरूरी है? 📖 यीशु के वचनों से हम अपने जीवन के लिए क्या सीख सकते हैं? याद रखें—**आपको अपनी परिस्थितियों से अधिक परमेश्वर के वचन पर विश्वास करना है।** जब परिस्थितियाँ कहें “नहीं हो सकता”, तब परमेश्वर का वचन हमें विश्वास, आशा और सामर्थ के साथ खड़े रहना सिखाता है। 📖 *2 कुरिन्थियों 4:13* हमें विश्वास के साथ बोलने की ओर संकेत करता है: *“मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला।”* इसलिए आज से अपने शब्दों पर ध्यान दें। अपने परिवार, भविष्य और जीवन के बारे में निराशा और भय के शब्द बोलने के बजाय परमेश्वर के वचन को जानें, उस पर विश्वास करें और उसी के अनुसार अपनी जुबान का इस्तेमाल करें। ❤️ यदि यह संदेश आपके जीवन में विश्वास और आशा पैदा करे तो वीडियो को *Like* करें। 🔔 *Channel Subscribe* करें और Bell Icon दबाएँ। 📲 इस संदेश को अपने परिवार और दोस्तों के साथ *Share* करें, ताकि परमेश्वर का वचन अधिक लोगों तक पहुँच सके। 💬 Comment में लिखें: *“मैं परमेश्वर के वचन पर विश्वास करता हूँ।”* 🙏 प्रार्थना हे प्रभु यीशु, हमारे हृदय और हमारे मुँह को अपने वचन के अनुसार बदल। हमें ऐसे शब्द बोलने की बुद्धि दे जो विश्वास, प्रेम, आशा और जीवन को बढ़ाएँ। जब हम कठिन परिस्थितियों से गुजरें, तब हमें भय और निराशा में बोलने के बजाय तेरे वचन पर भरोसा करना सिखा। हमारी जीभ को नियंत्रित कर और हमारे शब्दों के द्वारा तेरे नाम की महिमा हो। यीशु मसीह के नाम में। *आमीन।* 🙏 #JesusChrist #यीशुमसीह #BibleMessage #ChristianSermon #परमेश्वरकावचन #विश्वास #Faith #PowerOfWords #जीभकाफल #BibleTeaching #HindiChristian #Christianity #Prayer #आशीष #Jesus #ChristianMessage