निम्बूआं दे बागें कपड़े मैं तोआं | बाबुल की याद में दर्द भरा पहाड़ी लोकगीत | Himachali Folk Song
Mivan Records
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निम्बूआं दे बागें कपड़े मैं तोआं | बाबुल की याद में दर्द भरा पहाड़ी लोकगीत | Himachali Folk Song
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निम्बूआं दे बागें कपड़े मैं तोआं…| मेरे बाबुल दा दिल छोटा, मैं छम छम तां रोंदी…
यह एक बेहद भावुक पारंपरिक हिमाचली/पहाड़ी लोकगीत है, जिसमें बेटी के अपने बाबुल से बिछड़ने का दर्द, परदेस की दूरी और पिता के प्रति उसके गहरे प्रेम को लोकगीत की खूबसूरत भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
“अल्लाह जाणे… मौला वे जाणे कितने साल बछोड़ा…”
इन शब्दों में बेटी की विरह वेदना और बाबुल की याद साफ महसूस होती है।
निम्बू के बाग, कपड़े धोना, कंघी करना और चरखी जैसे पारंपरिक ग्रामीण प्रतीकों के माध्यम से यह गीत हिमाचली लोक संस्कृति, पहाड़ी जीवन और बेटी-बाबुल के भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है।
अगर आपको Himachali Folk Songs, Pahari Lok Geet, Kangri Songs, Himachali Traditional Songs और भावुक लोकगीत पसंद हैं, तो इस गीत को पूरा जरूर सुनें।
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Presented By: Mivan Records
Media Partner: SM News India
Record By Mivan Soni
Music By Monika Soni
Directed By Mk Soni
Media Patner Sm News India
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