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कहलगांव बन रहा है टापू? सड़कें बदहाल, पुल बाधित और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।

Voice of Ang

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कहलगांव बन रहा है टापू? सड़कें बदहाल, पुल बाधित और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।

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कहलगांव बन रहा है टापू? सड़कें बदहाल, पुल बाधित और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। ये तस्वीरें कहलगांव अनुमंडल के सदानंदपुर वैसा पंचायत के नारायणपुर गांव की हैं। तस्वीरें सिर्फ एक सड़क की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की हैं जो विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ग्रामीणों को बदहाली के भरोसे छोड़ चुकी है। लगातार बारिश के बाद यह सड़क दलदल में बदल चुकी है। गड्ढों और कीचड़ से होकर स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मरीज हर दिन जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे चुकी है। उनका साफ कहना है—यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। विडंबना देखिए कि इस सड़क से कुछ ही दूरी पर देश की महारत्न कंपनी एनटी पीसी का विशाल परियोजना क्षेत्र मौजूद है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत आसपास के गांवों की बुनियादी समस्याओं के समाधान में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा रही है। यदि उद्योग गांव के बीच खड़ा है, तो गांव भी उसके विकास का हिस्सा क्यों नहीं बन पा रहा? स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि बिहार और झारखंड को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग आज खस्ताहाल है। दूसरी ओर, कुआ नाला पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पहले से ही बाधित है। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग भी बदहाल होने से लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। आज सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं है। सवाल यह है कि क्या कहलगांव धीरे-धीरे फिर से एक "टापू" में तब्दील होता जा रहा है? जब पुलों पर प्रतिबंध हो, सड़कें दलदल बन जाएं और ग्रामीणों की आवाज वर्षों तक अनसुनी रहे, तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वॉयस ऑफ अंग प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से पूछता है— आखिर कब तक नारायणपुर के लोग इस बदहाल सड़क पर चलने को मजबूर रहेंगे? कुआ नाला पुल की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? क्या एनटीपीसी अपने आसपास के गांवों के लिए सामाजिक दायित्व निभाएगा? और सबसे बड़ा सवाल—क्या कहलगांव को फिर से आवागमन के संकट में छोड़ दिया जाएगा? ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। क्योंकि सड़क केवल मिट्टी और गिट्टी का ढांचा नहीं होती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जीवन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। अगर अब भी जिम्मेदार लोग नहीं चेते, तो यह सड़क सिर्फ लोगों का रास्ता नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल बन जाएगी। #कहलगांव_जनाक्रोश #नारायणपुर_सड़क_बचाो #सड़क_नहीं_जीवन #कुआनाला_पुल_समाधान #NTPC_जवाबदोही #CSR_जिम्मेदारी_लोकल #बिहार_रस्ते_बचाो #ग्रामीण_सुरक्षा_प्राथमिकता #विद्यालय_सुरक्षित_रास्ता #सड़क_बने_तो_विकास #कहलगांव_टापू_नहीं #जनआंदोलन_बचाो_रास्ता #जलजमाव_निरोध #इंसाफ_चाहिए #नारायणपुर_सड़क #कुआनाला_पुल #NTPC_जवाबदेही #सड़क_नहीं_तो_विकास_नही #कहलगांव_जनआक्रोश #voiceofang