Перейти к содержимому

सूनी आंखों में जली देखी बत्तियां हमने

Hindi Bhawan

0:00 / 0:00

सूनी आंखों में जली देखी बत्तियां हमने

1 110 просмотров · 1 г. назад
Hindi Bhawan
597 подписчиков
1 110 просмотров · 1 г. назад
पंडित गोपाल प्रसाद व्यास की तीसरी पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति को समर्पित ‘काव्ययात्रा : कवि के मुख से’ का दूसरा आयोजन, बुधवार 28 मई 2008 को किया गया। इस अवसर पर एकल काव्यपाठ के लिए आमंत्रित किया गया था वरिष्ठ कवयित्री और लोकप्रिय गीतकार माया गोविन्द को. हिन्दी भवन का सभागार काव्यप्रेमी सुधी श्रोताओं से खचाखच भरा था। भव्य एवं चित्ताकर्षक मंच पर विराजमान थे हिन्दी भवन और कार्यक्रम के अध्यक्ष त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी, मुख्य अतिथि अशोक चक्रधर और माया गोविन्द के साथ उनके पति तथा हिन्दी फ़िल्मों के पटकथा एवं संवाद लेखक राम गोविन्द। श्रीमती माया गोविन्द ने सुधी श्रोताओं के सम्मुख अपने गीतों, ग़ज़लों, छंदों और छंदमुक्त कविता का जीवंत और प्रभावशाली काव्यपाठ करके ऐसा समां बांधा कि अनेक बार सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और वाह-वाह से गूंज उठा।