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वंदना वंदना गनराया तुला वंदना☀शिवपंथ आदिवासी 🕉 Ganesh Jayanti ka special bhajan

Jad Chetan Official

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वंदना वंदना गनराया तुला वंदना☀शिवपंथ आदिवासी 🕉 Ganesh Jayanti ka special bhajan

111 107 просмотров · 8 дней назад
Jad Chetan Official
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अब आगया हे 2026 का नया भजन☀ 🕉गायक गांजीराम माहराज ग्राम हिवरखेडा💯 म्यूजिक डायरेक्टर साईक्राम ठाकुर 🎶शिवपंथ भजन मंडली वडेल खुर्द पार वरला💥 गनेश भगवान वहा कोई पहरेदार नहि था,🌺इसलिए माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन (चंदन और हल्दी के लेप) से एक बालक की मूर्ति बनाई और उसमें प्राण फूंक दिए। उन्होंने उस बालक को मुख्हिंदू iSavapa/Ta Bajana ma/DlaI vaDela Kaud_ paar varlaa में प्रथम पूज्य देव हैं। किसी भी🙏 शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले उनका स्मरण👏 और पूजन अनिवार्य माना जाता है। गणेश पुराण और शिव 🕉पुराण के अनुसार, उनके जन्म से लेकर प्रथम पूज्य💯 बनने तक की संपूर्ण कथा 🔱बनने की कथा एक बार माता पार्वती कैलाश पर्वत पर स्नान करने की तैयारी कर रही थीं। उस समयय द्वार पर पहरा देने का आदेश दिया और कहा कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी अंदर प्रवेश न करे। ☀ कुछ देर बाद जब भगवान शिव वहां लौटे, तो बालक गणेश ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। भगवान शिव ने उसे🛕 समझाने का प्रयास किया, लेकिन माता की आज्ञा का पालन कर रहे बालक ने उनकी एक न सुनी। इससे शिवजी के गणों और देवताओं के साथ बालक का भयंकर युद्ध हुआ, 🎻जिसमें बालक ने सबको परास्त कर 1. भगवान गणेश का जन्म और गजानन दिया। अंततः क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से उस बालक का सिर 🎶धड़ से अलग कर दिया। 🙏 जब माता पार्वती को इस बात का पता चला🎹, तो वे अत्यंत क्रोधित और दुखी हो गईं। उन्होंने सृष्टि को नष्ट करने का संकल्प ले लिया। माता पार्वती को शांत करने के लिए🎵 भगवान शिव ने देवताओं को आदेश दिया कि उत्तर दिशा में जो भी मां अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सोई हो, उसके🎺 बच्चे का सिर ले आएं। देवताओं को सबसे पहले एक हथिनी का बच्चा (गज) मिला। शिवजी ने उस हाथी के सिर को बालक के धड़ से जोड़कर उसे पुनः जीवित कर दिया। हाथी का सिर (गजा) धारण करने के कारण उनका नाम🎸 'गजानन' पड़ा। 2. प्रथम पूज्य बनने की कथा⛅ एक बार सभी देवताओं में इस बात पर विवाद छिड़ गया कि पृथ्वी पर सबसे पहले किसकी पूजा की जानी चाहिए। इस समस्या के समाधान के लिए सभी देव भगवान शिव के पास पहुंचे। शिवजी ने एक प्रतियोगिता रखी: "जो कोई भी अपने वाहन पर बैठकर पूरे ब्रह्मांड के तीन चक्कर लगाकर सबसे पहले वापस लौटेगा, वही प्रथम पूज्य कहलाएगा।" 🙏 सभी देवता अपने-अपने तेज वाहनों (जैसे कार्तिकेय अपने🌼 मयूर पर) पर बैठकर ब्रह्मांड की परिक्रमा के लिए निकल पड़े। गणेश जी का वाहन एक छोटा सा मूषक (चूहा) था, जिससे ब्रह्मांड का चक्कर लगाना असंभव था। 🍍 गजानन ने अपनी तीक्ष्ण बुद्धि का प्रयोग किया। उन्होंने अपने ☀माता-पिता (भगवान शिव और माता पार्वती) को एक स्थान पर बैठाया और श्रद्धापूर्वक उनकी तीन बार परिक्रमा की। जब सभी देवता ब्रह्मांड का चक्कर लगाकर लौटे, तो शिवजी ने गणेश जी को विजेता घोषित किया। देवताओं के पूछने पर शिवजी ने समझाया कि शास्त्रों के अनुसार✨ माता-पिता के चरणों में ही संपूर्ण ब्रह्मांड का वास होता है। गणेश जी की इस बुद्धिमत्ता और भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें 'प्रथम पूज्य' और 'विघ्नहर्ता' होने का वरदान मिला। 3. गणेश जी का परिवार🔥 माता-पिता: भगवान शिव और माता पार्वती। भाई-बहन: कार्तिकेय (बड़े भाई) और अशोक सुंदरी (बहन)। पत्नियां: प्रजापति विश्वरूप की दो पुत्रियां—रिद्धि💥 (सुख-समृद्धि की देवी) और सिद्धि (आध्यात्मिक शक्ति की देवी)।⭐ पुत्र: रिद्धि से 'शुभ' और सिद्धि से 'लाभ' नाम के दो पुत्र हुए। गणेश जी की महिमा, उनकी बुद्धिमत्ता और कथा को संगीतमय रूप में सुनने के लिए आप इस भजन कथा को देख सकते हैं🌄 4. गणेश जी के स्वरूप का महत्व और सीख गणेश जी का प्रत्येक अंग हमें जीवन जीने की एक गहरी सीख देता है:🌅 बड़ा सिर: विशाल बुद्धि और गहरी सोच का प्रतीक। छोटे नेत्र: तीक्ष्ण दृष्टि और एकाग्रता (फोकस) का प्रतीक। बड़े कान: दूसरों की बातों को ध्यानपूर्वक और धैर्य से सुनने की क्षमता। 🎇 लंबी सूंड: हर परिस्थिति के प्रति लचीलापन और संवेदनशीलता। 🕉 बड़ा पेट: जीवन के अच्छे और बुरे अनुभवों को पचाने की शक्ति। ✡️ एकदंत (टूटा हुआ दांत): त्याग का प्रतीक (उन्होंने महाभारत लिखने के लिए अपना एक दांत स्वयं तोड़ दिया था)। भगवान गणेश की यह कथा हमें सिखाती है कि बुद्धि, माता-पिता के प्रति सम्मान और शांत मन से किसी भी बड़ी🕉 से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। यदि आप गणेश जी से जुड़ी किसी विशिष्ट कथा जैसे गणेश चतुर्थी व्रत कथा, तुलसी जी का श्राप या चंद्रमा के घमंड को तोड़ने की कथा के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं।☸️ गणेश जी को अनेक नामों से पुकारा जाता है। उनके कुछ प्रसिद्ध नाम हैं: #वंदना#गनराया #तुला#वंदना #गनोकेस्वामी#हाथीकेसमानमुखवाले #गणेश#गणोंकेईश्वर #एकदंत#एकदाँतवाले #लंबोदर#बड़ेउदरवाले #वक्रतुंड#मुड़ीहुईसूंडवाले #सिद्धिविनायक#सिद्धि#प्रदान#करने#वाले #विघ्नहर्ता#विघ्नोंकोदूरकरनेवाले #मंगलमूर्ति#मंगलऔरशुभताकेस्वरूप #भालचंद्र#मस्तकपरचंद्रमाधारणकरनेवाले #मोदकप्रिय#मोदकप्रियहोनेवाले #द्वैमातुर#दोमाताओंसेजुड़ेनामसेप्रसिद्ध #सुमुख#सुंदर#मुख#वाले #गजानन#गजहाथीकेसमानमुखवाले गणेश जी के 12 प्रसिद्ध नाम भी बताए जाते हैं: #सुमुख#एकदंत#कपिल#गजकर्णक#लंबोदर#विकट, #विघ्ननाश#विनायक#धूम्रकेतु#गणाध्यक्ष#भालचंद्र#और #गजानन। भजन का टाइटल है🇮🇳 वंदना वंदना गनराया तुला वंदना🇮🇳 पहिला नमु मे माता पीताला माता पिताला राया आई बापाला #Ganesh#Jika#bhajan#Ganesh#Jayanti Riddhi#Siddhi#ka#data#bhajan#भजन#guru #गुरु#शिवपंथ#aadivasi#ka#jad #Chetan #official#shiv #गांजीराम #Ganesh#Vandana #Gauri #Nandan