18. आत्मा अपने ही स्वरूप को क्यूँ भूल जाती है । कबीर शब्दावली
Satguru Gyan Ganga
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18. आत्मा अपने ही स्वरूप को क्यूँ भूल जाती है । कबीर शब्दावली
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सतगुरु कबीर साहेब केवल एक संत नहीं बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे l जिन्होंने समाज में फैली बुराइयों , अंध विश्वास , ईश्वर के नाम पर फैले पाखंड और जातिवाद का पुरजोर खंडन किया और लोगों को सत्य अहिंसा और प्रेम का पाठ पढ़ाया आध्यात्मिक मार्ग में भक्ति काल महान संत बनकर उभरे और सभी संतों ने उन्हें अपना सिरमौर और सतगुरु माना l कबीर साहेब ने भक्ति के द्वारा ईश्वर प्राप्ति का मार्ग जन जन को दिखाया और बहुत से भक्तों और पापियों का भी उद्धार किया l
संत कबीर दास जी की रचनाओं का भावार्थ के साथ वर्णन और उनकी लीलाओं के कुछ अंश और उपदेशों को दर्शाने की कोशिश इस दास के द्वारा की गई है l