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रक्षाबंधन विशेष: द्रौपदी की वो रेशमी साड़ी और श्री कृष्ण का वस्त्र अवतार!

• सादा जीवन • उच्च विचार • अच्छे संस्कार •

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रक्षाबंधन विशेष: द्रौपदी की वो रेशमी साड़ी और श्री कृष्ण का वस्त्र अवतार!

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यह विवरण आपके वीडियो के एक-एक भाग को पूरी सत्यता के साथ दर्शाता है। इसके मुख्य खंड निम्नलिखित हैं जो पूरी फाइल में विस्तृत रूप से लिखे गए हैं: भाग १: प्रस्तावना और बाल संस्कार केंद्र का परिचय: रक्षाबंधन के गहरे सांस्कृतिक अर्थ और ऋषियों के प्रति कृतज्ञता की चर्चा । भाग २: योगासन और त्रिबंध प्राणायाम: ताड़ासन , वृक्षासन की पूर्ण विधि व लाभ तथा मूल बंध, उड्डियान बंध और जालंधर बंध के साथ किए जाने वाले सगभा प्राणायाम का अद्भुत आध्यात्मिक व शारीरिक महत्व । भाग ३: श्री कृष्ण के वस्त्र अवतार की मुख्य कथा: युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में अग्रपूजा , शिशुपाल का 101वां अपराध और वध , श्री कृष्ण की घायल उंगली पर द्रौपदी का साड़ी का टुकड़ा बांधना , और बाद में कौरवों की सभा में पूर्ण समर्पण पर भगवान द्वारा वस्त्र अवतार लेकर द्रौपदी की लाज बचाना । भाग ४: वैदिक राखी बनाने की विधि और मुहूर्त: वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त (28 अगस्त, सुबह 5:57 से 9:48 तक) , तथा दूर्वा, अक्षत, केसर, चंदन और पीली सरसों का उपयोग करके वैदिक राखी बनाने की प्रामाणिक विधि । भाग ५: श्रावणी पूर्णिमा का पौराणिक महत्व: सामवेद का प्राकट्य , ब्राह्मणों का जनेऊ परिवर्तन , समुद्री नाविकों की समुद्र पूजा , श्रवण कुमार प्रसंग , इंद्र-शची राखी कथा , कुंती-अभिमन्यु राखी प्रसंग और लक्ष्मी जी व राजा बलि की कथा । भाग ६: पूज्य बापूजी का पावन सत्संग संदेश: समाज में विकारों व कुदृष्टि से रक्षा के लिए रक्षाबंधन का महत्व , लोकमन्या तिलक का यूरोप का संस्मरण , संकल्प शक्ति और महामृत्युंजय मंत्र के साथ अभिमंत्रित रक्षासूत्र के लाभ ।