🌺 हरतालिका तीज — सृष्टि का प्रथम प्रेम 🌺
देवधुन उत्सव
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🌺 हरतालिका तीज — सृष्टि का प्रथम प्रेम 🌺
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देवधुन उत्सव
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🌺 हरतालिका तीज — सृष्टि का प्रथम प्रेम 🌺
हरतालिका तीज के पावन पर्व पर समर्पित यह भक्तिमय गीत माता गौरी की अटूट भक्ति, तपस्या और भगवान शिव को पाने के दिव्य संकल्प की सुंदर कथा प्रस्तुत करता है। शिव और शक्ति के पावन मिलन से प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश मिलता है। 🙏🔱🌺
🎵 सुनिए “हरतालिका तीज — सृष्टि का प्रथम प्रेम” और गौरी-शंकर की भक्ति में मन को आनंद और शांति से भर लीजिए।
देवधुन उत्सव पर आपको मिलेंगे त्योहारों और भगवान की महिमा से जुड़े मधुर एवं भक्तिमय गीत। ❤️
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🤖 AI Disclosure: इस गीत के निर्माण में AI तकनीक की सहायता ली गई है।
[आलाप – धीमा और मधुर]
हर हर महादेव...
जय गौरी शंकर...
जय शिव शंकर...
हरतालिका तीज आई...
[मुखड़ा]
सृष्टि का पहला प्रेम है, शिव-गौरी का नाम,
शिव में शक्ति समाई, शक्ति में शिव धाम।
सखियाँ ले गईं गौरी को, वन की शीतल छाँव,
शिव को पाने तप करने, छोड़ दिया सुख-गाँव॥
[अंतरा 1]
मन में शिव की आस लिए, गौरी चली वन में,
शिव का नाम बसाया माता, अपने हर स्पंदन में।
सखियों ने संग दिया उनका, समझी मन की बात,
शिव को पाने तप करती, बीती दिन और रात॥
[मुखड़ा]
सृष्टि का पहला प्रेम है, शिव-गौरी का नाम,
शिव में शक्ति समाई, शक्ति में शिव धाम।
हरतालिका तीज आई, मंगल दीप जलाए,
गौरी-शंकर के चरणों में, श्रद्धा फूल चढ़ाए॥
[अंतरा 2]
पिता ने चाहा विष्णु संग, गौरी का हो ब्याह,
गौरी के मन में बसते, भोलेनाथ की चाह।
सखियाँ उनको हर ले गईं, वन की ओर सुनसान,
तप करके गौरी ने पाया, शिव को अपना प्राण॥
[अंतरा 3]
वन में बैठीं ध्यान लगाकर, शिव का नाम जपा,
अटल रही उनकी भक्ति, मन में प्रेम रहा।
कठिन तपस्या रंग लाई, प्रसन्न हुए भगवान,
गौरी को वरदान मिला, शिव बने उनके प्राण॥
[मुखड़ा]
सृष्टि का पहला प्रेम है, शिव-गौरी का नाम,
शिव में शक्ति समाई, शक्ति में शिव धाम।
हरतालिका तीज आई, मंगल बेला लाई,
शिव को पाने गौरी माता, तप की ज्योत जलाई॥
[अंतरा 4]
शिव और शक्ति मिले जहाँ, वहीं सजा संसार,
उनके पावन प्रेम से, महका जग अपार।
अर्धनारीश्वर रूप में, एक हुआ दो रूप,
शिव बिना शक्ति अधूरे, शक्ति बिना शिव धूप॥
[अंतरा 5]
आज तीज के पावन दिन, गौरी को शीश नवाएँ,
शिव-शंकर के नाम का, दीप हृदय में जलाएँ।
प्रेम रहे विश्वास भरा, मन में रहे उजास,
गौरी-शंकर की कृपा से, मंगल हो हर साँस॥
[समापन – धीरे-धीरे ऊँची होती धुन]
शिव ही शक्ति... शक्ति ही शिव...
दोनों एक स्वरूप...
जय गौरी शंकर...
हर हर महादेव...
हरतालिका तीज की जय...
हर हर महादेव... 🙏🌺