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Leela Sanvaran - Shree Eknath Ji - EP 20

Bhakti Ashram

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Leela Sanvaran - Shree Eknath Ji - EP 20

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Leela Sanvaran - Shree Eknath Ji - EP 20 संत एकनाथ जी महाराज की कथा में उनके पुत्र हरि पंडित के शास्त्र-ज्ञान और भाषा के अभिमान से लेकर हृदय परिवर्तन तक का महत्वपूर्ण प्रसंग सुनिए। इस प्रवचन में भक्ति, प्रेम, भाषा, अहंकार और संत एकनाथ महाराज की अंतिम लीला से जुड़ी आध्यात्मिक शिक्षाओं का वर्णन है। इस प्रवचन में परम पूज्य श्री स्वामी देवादास जी महाराज संत एकनाथ जी महाराज के पारिवारिक जीवन, उनकी संतानों और उनके कृपापात्रों से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हैं। विशेष रूप से एकनाथ जी के पुत्र हरि पंडित की कथा सामने आती है, जो अत्यंत विद्वान थे और संस्कृत भाषा को लेकर उनमें अभिमान था। प्रवचन में समझाया गया है कि संत एकनाथ जी संस्कृत का आदर करते हुए भी मराठी और जनसाधारण की भाषा में हरिकथा करने को महत्वपूर्ण मानते थे। उनके अनुसार जिस वाणी में भगवान की कथा और प्रेम हो, वही सार्थक है। इसी संदर्भ में ज्ञान और भक्ति के साथ प्रेम के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। आगे एक स्त्री के सहस्र ब्राह्मण भोजन के संकल्प और एकनाथ जी को भोजन कराने से जुड़ा पारंपरिक आध्यात्मिक प्रसंग आता है, जिसमें कथानुसार एक पत्तल के नीचे एक हजार पत्तलें दिखाई देती हैं। इस घटना के बाद हरि पंडित के दृष्टिकोण में परिवर्तन और पिता के प्रति समर्पण का वर्णन है। अंत में संत एकनाथ जी के अंतिम कीर्तन, गोदावरी स्नान, ध्यान और देहावसान से जुड़े भक्तिपूर्ण वर्णन के साथ उनके लोककल्याणमय जीवन को नमन किया गया है। यह प्रवचन भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम से आध्यात्मिक एवं शैक्षिक उद्देश्य से प्रस्तुत है। 00:00 संत एकनाथ जी का परिवार और संतान 01:12 उद्धव एवं गोदावरी का परिचय 02:24 कवि मुक्तेश्वर और एकनाथ जी से संबंध 03:41 मुक्तेश्वर की वाणी से जुड़ा प्रसंग 05:48 एकनाथ जी की दूसरी कन्या और हरि पंडित 06:55 हरि पंडित का संस्कृत भाषा पर अभिमान 07:48 भगवान की कथा के लिए भाषा का महत्व 09:47 प्रेम, ज्ञान और भक्ति की शिक्षा 10:45 हरि पंडित का काशी जाना 11:48 एकनाथ जी का काशी जाना और पुत्र से संवाद 12:48 हरि पंडित के प्रवचन और श्रोताओं का अंतर 14:56 हरि पंडित के अहंकार से जुड़ा प्रसंग 16:01 सहस्र ब्राह्मण भोजन का संकल्प 17:04 एकनाथ जी को भोजन और पत्तलों की लीला 18:07 कथानुसार 1000 पत्तलें और हरि पंडित का परिवर्तन 19:12 पिता के चरणों में हरि पंडित का समर्पण 20:17 पिता-पुत्र का मेल 21:17 संत एकनाथ जी की अंतिम लीला का आरंभ 22:19 अंतिम कीर्तन और गोदावरी तट 24:09 देहावसान का आध्यात्मिक वर्णन 26:24 एकनाथ जी का लोककल्याणमय जीवन 27:36 अगली कथा की भूमिका और समापन Speaker & Location 🙏 प्रवचन: संत प्रवर श्री स्वामी देवादास महाराजजी 📍 स्थान: भक्ति आश्रम, श्री वृन्दावन धाम आदरणीय भक्तवृन्द, “भक्ति-आश्रम” - श्री वृन्दावन धाम में गो-सेवा , साधु संतों, दीन दुखियों एवं गरीबों के लिए भोजन प्रसाद पवाने का कार्य सदैव अबाध गति से किया जाता है। इस सेवा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिये आप भी अपना योगदान प्रदान कर सकते हैं और पुण्य के भागी बन सकते हैं !! Google Pay Account Number - 9897315499 HDFC BANK : Name : Swami Devadas Bank Account No : 09421000000184 IFSC Code : HDFC0000942 Bank Name : HDFC Bank Bank Branch : VRINDAVAN Account Type : Savings Account ************************** Bhakti Ashram Contact Number ( Whats App Message Only ) 9873188623 /9831058041/8999571582 🌐 Official Website: bhaktiashram.in 📲 WhatsApp Channel: Bhakti Ashram WhatsApp Channel #SantEknath #EknathMaharaj #HariPandit #BhaktiGyan #SantKatha DISCLAIMERS This is original content featuring Swami Deva Das Ji Maharaj and is presented as a spiritual and educational Q&A/discourse intended to clarify spiritual doubts, address misconceptions, guide devotees, and promote general awareness and self-improvement. The teachings, narratives, and viewpoints presented in this video may reflect traditional, scriptural, devotional, or personal spiritual interpretations and should be understood within that context. References to spiritual or extraordinary events are presented as part of the teachings and narratives discussed in the discourse. This content is not a substitute for professional medical, psychological, legal, financial, or other licensed professional advice. Viewers should consult appropriately qualified professionals whenever such advice or assistance is required. This content promotes peace, harmony, mutual respect, and spiritual understanding. It is not intended to insult, demean, discriminate against, disrespect, or hurt any religion, community, caste, belief, protected group, or individual. The video and its accompanying metadata are prepared with the intention of following YouTube Community Guidelines, Advertiser-Friendly Content Guidelines, and applicable monetization policies.