वो शाम फिर मिले
Royal Giraffe MUSIC
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वो शाम फिर मिले
9 просмотров · 1 день назад
Royal Giraffe MUSIC
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🌅 सुनहरी यादें, प्यार, बीते पल और ज़िंदगी की खूबसूरत कहानी ❤️🎵
A soulful Hindi Retro Ghazal Pop song about love, memories, family and the moments that stay with us forever. Warm vocals, timeless Indian melody and gentle modern production create a deeply emotional listening experience. 🌹✨
🎤 Lyrics
धीमी हवा ने छुआ आज फिर
खिड़की पे ठहरी वो शाम
दूर कहीं से आती है जैसे
पुरानी सी कोई आवाज़
एक गली थी, एक छोटा सा घर
दरवाज़े पर शाम ठहरती थी
दोस्तों की वो हँसी आँगन में
बिन कहे ही दिल पढ़ती थी
वक़्त चला तो रास्ते बदले
लोग मिले और दूर हुए
कुछ रिश्ते तस्वीरों में रह गए
कुछ आँखों में मजबूर हुए
कितने मौसम आए गए
कितने चेहरे याद हुए
पर दिल के उस छोटे कोने में
हम फिर भी आबाद हुए
*जो बीत गया, वो दिल से कहाँ गया*
*वो शाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
*जो छूट गया, वो सपना कहाँ गया*
*वो नाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
माँ की आवाज़, पिता की बातें
घर की खुशबू याद आती है
छत पर बैठी वो चाँदनी रातें
आज भी दिल को बुलाती हैं
पहला ख़त और पहली बारिश
पहली हँसी, पहला प्यार
ज़िंदगी ने सब कुछ बदला
दिल ने रखा सबका हिसाब
हमने उम्र गुज़ार दी लेकिन
कुछ पल वहीं खड़े हैं
जिनको दुनिया भूल गई है
वो पल दिल में पड़े हैं
*जो बीत गया, वो दिल से कहाँ गया*
*वो शाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
*जो छूट गया, वो सपना कहाँ गया*
*वो नाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
अगर कभी वो रास्ता मिले
जहाँ से हम गुज़रे थे
मैं कुछ भी नहीं माँगूँगा
बस पल भर वहीं ठहरेंगे
न कोई शिकवा, न कोई सवाल
न बीते कल का हिसाब
बस मुस्कुराकर देखेंगे
कितना खूबसूरत था वो ख़्वाब
*जो बीत गया, वो दिल से कहाँ गया*
*वो शाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
*जो छूट गया, वो सपना कहाँ गया*
*वो नाम फिर मिले, तो क्या बात हो*
*वो शाम फिर मिले...*
*वो शाम फिर मिले...*
और दिल फिर से जवान हो जाए...
धीमी हवा फिर चलती है
खिड़की पे वही शाम
कुछ यादें कभी नहीं जातीं
बस बदल जाता है इंसान
✨ Music generated by AI & Lyrics by AI assisted