Перейти к содержимому

गीता 1.6 | रथ के पहियों के रक्षक और महारथी | गीता से ज्ञान

Sandeep Sharma

0:00 / 0:00

गीता 1.6 | रथ के पहियों के रक्षक और महारथी | गीता से ज्ञान

34 просмотра · 2 нед. назад
Sandeep Sharma
4 подписчика
34 просмотра · 2 нед. назад
दुर्योधन की सूची का आखिरी श्लोक! रथ के पहियों की रक्षा करने वाले वीर कौन थे? और पर्दे के पीछे रहने वालों की यह सीख हमारे जीवन में कैसे काम आती है? 📖 श्लोक युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्। सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः॥ 🔎 सरल अर्थ पराक्रमी युधामन्यु, बलवान उत्तमौजा, सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु और द्रौपदी के पाँचों पुत्र, ये सभी महारथी हैं। 💡 आज की सीख • पीछे रहकर रक्षा करने वालों का भी बड़ा महत्व है। • नई पीढ़ी को कम मत आँकिए, उन्हें मौका और सम्मान दीजिए। • सच्ची ताकत नाम और पद से नहीं, काम से पहचानी जाती है। 🌟 आज का अभ्यास आज किसी ऐसे इंसान को धन्यवाद कहिए जो पर्दे के पीछे रहकर आपका काम आसान करता है। 📚 स्रोत श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 1, श्लोक 6 🎧 बेहतर अनुभव के लिए हेडफ़ोन के साथ सुनें। 🎙️ आवाज़: ElevenLabs (AI) 🙏 अगला श्लोक: अध्याय 1, श्लोक 7, जहाँ दुर्योधन अपनी सेना के वीरों की बात करता है। चैनल को सब्सक्राइब करें। #भगवद्गीता #गीता #महाभारत #गीतासेज्ञान #अभिमन्यु