Перейти к содержимому

Kumar Vikal की कविताओं में खौफ़नाक समय का सच | Poetry On Loop | Hindi Poetry | EP 59 | Sahitya Tak

Sahitya Tak

0:00 / 0:00

Kumar Vikal की कविताओं में खौफ़नाक समय का सच | Poetry On Loop | Hindi Poetry | EP 59 | Sahitya Tak

663 просмотра · 1 дн. назад
Sahitya Tak
3,42 млн подписчиков
663 просмотра · 1 дн. назад
कितना खौफ़नाक समय है जब बच्चे इतने ख़तरनाक सवाल पूछते हैं कि उनका जवाब देने के लिए हम इस हताश ढंग से निरुत्तर हो जाते हैं कि उन्हें पीटने लगते हैं जबकि हम जानते हैं किसी को पीटना मारना किसी सवाल का जवाब नहीं बच्चे तो हमेशा नए-नए सवाल पूछते आए हैं और भविष्य में भी पूछते जाएँगे जैसे मछलियाँ चश्मे क्यों नहीं पहन लेतीं ताकि मछेरों को देख पाएँ और उनके जालों से भाग जाएँ हमारी चिंता तो यह है हमारे बच्चे खिलौनों की बातें क्यों नहीं करते दादी माँ से कहानियाँ नहीं सुनना चाहते वे जानना चाहते हैं लोकल बस में जिस अँकल के प्लास्टिक-डिब्बे में दो सूखी रोटियाँ और थोड़ा-सा अचार था उसकी पुलिस ने तलाशी क्यों ली पुलिस ने उसे क्यों पीटा क्यों मारा... ...माँ, जिन लोगों से तुम नफ़रत करती हो क्यों हमें वे अक्सर अपनी साइकिलों पर स्कूल से घर छोड़ जाते हैं क्यों हमें वे आइसक्रीम खिलाते हैं हमारे गालों को चूमते हैं बालों को सहलाते हैं... ...पिता, 'कर्फ़्यू' कहाँ से आता है कितनी अच्छी चीज़ है यह कर्फ़्यू हमें स्कूल नहीं जाना पड़ता और तुम्हें काम पर... ...ओ माँ! ओ पिता! इतने अच्छे दिनों में भी तुम दोनों दुःखी-दुःखी क्यों रहते हो? जब हम बच्चे सवाल पूछते हैं तुम इस हताश ढंग से निरुत्तर हो जाते हो कि अपने-आपको हमें पीटता हुआ पाते हो जबकि तुम जानते हो किसी को पीटना मारना किसी सवाल का जवाब नहीं। आज Poetry On Loop में सुनिए कवि कुमार विकल की कविताएं 'खौफ़नाक समय के बच्चे’, 'दीवार के इस पार, उस पार', 'चालाक आदमी के पक्ष में', और 'यह सब कैसे होता है'. #kumarvikal #poetryonloop #hindipoetry #hindikavita #prabinupadhyay #sahityatak About the Channel Sahitya Tak आपके पास शब्दों की दुनिया की हर धड़कन के साथ I शब्द जब बनता है साहित्य I वाक्य करते हैं सरगोशियां I जब बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, निबंध, लेख, किस्से व उपन्यास I Sahitya Tak अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा साहित्य के क्षेत्र की हर हलचल I सूरदास, कबीर, तुलसी, भारतेंदु, प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, दिनकर, महादेवी से लेकर आज तक सृजित हर उस शब्द की खबर, हर उस सृजन का लेखा, जिससे बन रहा हमारा साहित्य, गढ़ा जा रहा इतिहास, बन रहा हमारा वर्तमान व समाज I साहित्य, सृजन, शब्द, साहित्यकार व साहित्यिक हलचलों से लबरेज दिलचस्प चैनल Sahitya Tak. तुरंत सब्स्क्राइब करें व सुनें दादी मां के किस्से कहानियां ही नहीं, आज के किस्सागो की कहानियां, कविताएं, शेरो-शायरी, ग़ज़ल, कव्वाली, और भी बहुत कुछ I Sahitya Tak - Welcome to the rich world of Hindi Literature. From books to stories to poetry, essays, novels and more, Sahitya Tak is a melting pot where you will keep abreast of what's the latest in the field of literature. We also delve into our history and culture as we explore literary gems of yesteryears from Surdas, Kabir, Tulsi, Bhartendu, Premchand, Prasad, Nirala, Dinkar, Mahadevi, etc. To know more about how literature shapes our society and reflects our culture subscribe to Sahitya Tak for enriching stories, poems, shayari, ghazals, kawali and much more. Subscribe Sahitya Tak now. ............................ Links: Facebook:   / sahityatakofficial   Instagram:   / sahityatak   Twitter:   / sahitya_tak