घायल होने के बाद भी लौटे तेजाजी | वचन निभाने वाले राजस्थान के लोकदेवता
Bharatham Ghatha – Stories of India
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घायल होने के बाद भी लौटे तेजाजी | वचन निभाने वाले राजस्थान के लोकदेवता
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वीर तेजाजी — राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवताओं में से एक, जिनकी लोकगाथा साहस, गौरक्षा और वचन निभाने के लिए जानी जाती है।
राजस्थान के नागौर जिले के खरनाल गांव में वीर तेजाजी से जुड़ा प्रसिद्ध मंदिर है। भाद्रपद शुक्ल दशमी को तेजा दशमी के अवसर पर कई स्थानों पर उनकी स्मृति में मेले और धार्मिक आयोजन होते हैं।
लोकगाथा के अनुसार, तेजाजी अपनी पत्नी पेमल को लेने पनेर पहुंचे थे। उसी समय उनकी पत्नी की सहेली लाछां गुजरी की गायें लुटेरों ने चुरा लीं। तेजाजी गायों को वापस लाने के लिए निकल पड़े।
रास्ते में उन्होंने एक सर्प को आग से बचाया। लोकगाथा में इस सर्प को बासक नाग बताया गया है। तेजाजी ने उनसे वचन दिया कि गायों को वापस लाने के बाद वह लौटकर उनके पास आएंगे।
लुटेरों से संघर्ष में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी तेजाजी अपना वचन निभाने के लिए वापस लौटे। आगे की कथा में उनके और बासक नाग के बीच हुई घटना को तेजाजी की वचनबद्धता और साहस से जोड़ा जाता है।
इसी लोकपरंपरा के कारण वीर तेजाजी की आज भी राजस्थान के कई हिस्सों में श्रद्धा से पूजा की जाती है।
🙏 वीर तेजाजी की लोकगाथा राजस्थान की लोकपरंपरा में वचन, साहस और गौरक्षा की एक महत्वपूर्ण कथा है।
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🖼️ Image Credits
Veer Tejaji — Ashok Todawata
By Ashok Todawata — Own work, CC BY-SA 4.0
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Tejaji Temple, Kharnal — LRBurdak
By LRBurdak — Own work, CC BY-SA 3.0
Wikimedia Commons — Tejaji Temple Kharnal
Image — विजय चौधरी श्योराण
By विजय चौधरी श्योराण — Own work, CC BY-SA 4.0
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Veer Tejaji — WikiAnchor10
By WikiAnchor10 — Own work, CC BY-SA 4.0
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Image — Chenakalwania
By Chenakalwania — Own work, CC BY-SA 4.0
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