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जिस लड़की को शादी के मंडप से निकाला था, वही बनी जिले की कलेक्टर! फिर दूल्हे और उसके साथ क्या हुआ

राहें और मंजिल

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जिस लड़की को शादी के मंडप से निकाला था, वही बनी जिले की कलेक्टर! फिर दूल्हे और उसके साथ क्या हुआ

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राहें और मंजिल
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एक गरीब परिवार की बेटी पूजा को शादी के मंडप से सिर्फ इसलिए अपमानित करके निकाल दिया गया, क्योंकि उसके पिता दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाए। उस दिन पूजा ने हार मानने के बजाय अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया। पिता के त्याग, मां की दुआओं और भाई के सहयोग से पूजा ने UPSC की कठिन परीक्षा पास की और उसी जिले की कलेक्टर बन गई। पांच साल बाद जब दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर पुलिस उस घर पहुंची, जिसने कभी पूजा का अपमान किया था, तो सबके होश उड़ गए। क्या पूजा अपने अपमान का बदला लेगी या कानून के रास्ते पर चलेगी? जानिए इस भावुक और प्रेरणादायक कहानी में। कहानी का संदेश: बेटी बोझ नहीं होती। दहेज किसी की कीमत तय नहीं करता। अपमान का जवाब मेहनत और आत्मसम्मान से दिया जा सकता है। यह एक काल्पनिक कहानी है। इसके पात्र और घटनाएं मनोरंजन एवं सामाजिक संदेश के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं। कृपया इसे किसी वास्तविक व्यक्ति या परिवार से न जोड़ें। #HindiKahani #EmotionalStory #IASStory #MotivationalStory #DahejPratha