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₹1 करोड़ का नुकसान, 19 दिन जेल! रणथंभौर के लिए लड़ने वाले मुकेश SIIT की अनसुनी कहानी | Kalaachuk

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₹1 करोड़ का नुकसान, 19 दिन जेल! रणथंभौर के लिए लड़ने वाले मुकेश SIIT की अनसुनी कहानी | Kalaachuk

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एक ऐसा शख्स जिसने 1 करोड़ का नुकसान सहा, 19 दिन जेल में बिताए, फिर भी अन्याय के खिलाफ लड़ना नहीं छोड़ा | कुछ लोग अपनी जिंदगी अपने परिवार और अपने सपनों के लिए जीते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दूसरों के हक़, समाज में बदलाव और प्रकृति की रक्षा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। मुकेश जी की कहानी ऐसे ही एक जुनूनी इंसान की कहानी है, जिसने कभी अपने सपनों के आगे हार नहीं मानी। सवाई माधोपुर के एक साधारण परिवार में पले-बढ़े मुकेश जी के मन में बचपन से ही कुछ अलग करने की चाह थी। डॉक्टर बनने की तैयारी छोड़कर उन्होंने कंप्यूटर की दुनिया में अपना भविष्य बनाने का फैसला किया। उनका सपना था कि सवाई माधोपुर के युवाओं को भी बड़े शहरों जैसी शिक्षा और अवसर मिलें। लेकिन सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता इतना आसान नहीं था। 💻 ₹7 लाख का निवेश, पांच कंप्यूटर और एक बड़ा सपना साल 2001 में मुकेश जी ने अपने पिता से बड़ी मुश्किल से पैसे लेकर ASIIT कंप्यूटर इंस्टीट्यूट शुरू किया। दोस्तों ने साथ देने के वादे किए, लेकिन उद्घाटन के बाद सात दिनों तक न कोई विद्यार्थी आया और न ही वादे करने वाले दोस्त। मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। शुरुआती दिनों में ही उनके सेंटर से पांचों कंप्यूटर चोरी हो गए। कोई भी इस स्थिति में टूट जाता, लेकिन मुकेश जी ने हार मानने के बजाय उधार पर नौ नए कंप्यूटर जुटाए और अगले ही दिन फिर से अपना संस्थान शुरू कर दिया। उनकी मेहनत रंग लाई। कुछ ही वर्षों में उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा दी और अपने संस्थान का विस्तार किया। 💔 जब एक सपना टूटा और करीब ₹1 करोड़ का नुकसान हुआ कामयाबी के बाद जिंदगी ने उन्हें एक ऐसा झटका दिया, जिसने उनकी पूरी दुनिया बदल दी। यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद और विद्यार्थियों की डिग्रियों को लेकर पैदा हुई समस्याओं के बीच उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उनके अनुसार, यह नुकसान करीब ₹1 करोड़ का था। मुकेश जी मानसिक रूप से टूट गए और उन्हें अपनी पुरानी दुनिया छोड़कर नए सिरे से जिंदगी शुरू करनी पड़ी। लेकिन उनके भीतर समाज के लिए कुछ करने की इच्छा अभी भी जिंदा थी। 👧 बेटी बचाओ से लेकर रणथंभौर के जंगलों की लड़ाई तक मुकेश जी ने सामाजिक कार्यों की ओर रुख किया। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान के माध्यम से महिलाओं और बेटियों के मुद्दों पर काम किया। इसी दौरान 2017 में एक सरकारी अस्पताल में महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना के बाद डॉक्टर से उनका विवाद हुआ। इस घटना में मारपीट के मामले में उन्हें 19 दिन जेल में बिताने पड़े। इसके बाद उनका संघर्ष एक नए मोड़ पर पहुंचा—रणथंभौर के जंगल, वन्यजीव और स्थानीय लोगों के अधिकार। वन्यजीव फोटोग्राफर और फिल्ममेकर नल्लामुथु से प्रेरणा मिलने के बाद उन्होंने रणथंभौर में कथित अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाने शुरू किए। उन्होंने धरने दिए, आंदोलन किए और कई कानूनी चुनौतियों का सामना किया। उनके अनुसार, उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए और एक मानहानि विवाद में उन्हें सात वर्षों तक दिल्ली की अदालत के चक्कर लगाने पड़े। इस दौरान उनका उद्देश्य केवल जंगलों की रक्षा करना नहीं था, बल्कि रणथंभौर के स्थानीय युवाओं को जागरूक करना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना भी था। 🌳 आज भी जारी है संघर्ष आज मुकेश जी का मानना है कि रणथंभौर जैसे विश्वप्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों की भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए। उनका सवाल है—जब जंगल और पर्यटन से इतना बड़ा आर्थिक तंत्र जुड़ा है, तो वहां के स्थानीय युवाओं को पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिलते? अब वह पत्रकारिता के माध्यम से राजस्थान के जंगल, जमीन, जल और वन्यजीवों से जुड़े मुद्दों को उठाने की नई शुरुआत कर रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के संघर्ष की नहीं है। यह जुनून, असफलता, सामाजिक जिम्मेदारी, गुस्से, गलतियों, साहस और दोबारा खड़े होने की कहानी है। क्या एक इंसान बिना बड़े आर्थिक संसाधनों और राजनीतिक ताकत के समाज में बदलाव ला सकता है? क्या बदलाव की लड़ाई में अपनी जिंदगी, परिवार और भविष्य के बीच संतुलन बनाना संभव है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए Kalaachuk Podcast का यह खास एपिसोड, जिसमें मुकेश जी ने अपनी जिंदगी के अनसुने किस्से, संघर्ष और अनुभव साझा किए हैं। 🎙️ Kalaachuk Podcast — कहानियां उन लोगों की, जो अपनी अलग पहचान बनाते हैं। वीडियो पसंद आए तो Like करें, अपने विचार Comment में बताएं और ऐसी प्रेरणादायक कहानियों के लिए Channel को Subscribe करना न भूलें। #KalaachukPodcast #MukeshJi #Ranthambore #SocialActivist #WildlifeConservation #SawaiMadhopur #StruggleToSuccess #HindiPodcast #RealLifeStory #SaveRanthambore