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मंदारगिरी सिद्धक्षेत्र | Mandargiri Hill Jain Tirth Bihar

Shubh Sangam

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मंदारगिरी सिद्धक्षेत्र | Mandargiri Hill Jain Tirth Bihar

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#jaintirth #jainism #mandaar #hill #bihar जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए और उन्ही में 12 वे तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी है, जिनका पांचो कल्याणक बिहार प्रांत के चम्पानगरी में है | पांच कल्याणक में गर्भ और जन्म भागलपुर जिला के चम्पापुरी में हुआ, जिसे स्थानीय लोग चम्पापुर को नाथनगर भी कहते है | प्राचीनकाल में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) जी के समय विभाजित 52 जनपद में से यह चम्पानगरी क्षेत्र अंग जनपद के नाम से प्रसिद्ध रहा है | इसलिए मंदारगिरी को अंग क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थली कहा जाता है | यह चम्पानगरी प्राचीन समय में एक विराट नगर था , जो वर्तमान में विभिन्न जिलो में विभाजित है जिसमे भगवान वासुपूज्य स्वामी के नगरी में प्रमुख चम्पापुरी और मंदारगिरी है | भगवान वासुपूज्य स्वामी जन्म से ही वैरागी थे, जिन्होंने वैराग्य अवस्था में भ्रमण के क्रम में चम्पापुरी से मंदारगिरी पहुुँचे थे , जहाँ उन्होंने तप , केवल ज्ञान , और मोक्ष को प्राप्त किया , और ये तीन कल्याणक बिहार प्रांत के बांका जिला मंदारगिरी में हुआ | जिसे जैन धर्मावलम्बी भगवान वासुपूज्य के क्रमश: तप कल्याणक , ज्ञान कल्याणक , और मोक्ष कल्याणक मंदारगिरी को कहते है |