तुम मुझे गाली दोगे, तो सुनो मेरा जवाब || आचार्य प्रशांत (2024)
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant
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तुम मुझे गाली दोगे, तो सुनो मेरा जवाब || आचार्य प्रशांत (2024)
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वीडियो जानकारी: 29.04.24, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नॉएडा
तुम मुझे गाली दोगे, तो सुनो मेरा जवाब || आचार्य प्रशांत (2024)
📋 Video Chapters:
0:00 - Intro
0:31 - कबीर साहब की साखी
1:13 - रासायनिक अभिक्रिया और चेतना का आनंद
7:37 - पदार्थ की ग़ुलामी और चेतना की स्वतंत्रता
16:37 - मज़बूरी की ज़िंदगी से आज़ादी
19:26 - समापन
विवरण:
इस वीडियो में, आचार्य जी ने जीवन के आनंद और खुशी के महत्व पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि हम किसके लिए पैदा हुए हैं - असल में, हम जीवन में "जॉय" (आनंद) पाने के लिए हैं। आचार्य जी ने यह भी बताया कि कैसे हम अक्सर "केमिकल" की तरह प्रतिक्रिया करते हैं, जो कि एक प्रकार की गुलामी है।
आचार्य जी ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे एक चश्मा या जूता केवल एक वस्तु है और उसमें कोई भावना नहीं होती। असल में, हमें अपने जीवन में जागरूक रहना चाहिए और अपनी प्रतिक्रियाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हमें अपनी प्रतिक्रियाओं को चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, ताकि हम जीवन में सच्चा आनंद प्राप्त कर सकें।
प्रसंग:
~ सर, अगर कोई गाली दे तो उसको कैसे जवाब दिया जाए?
~ कबीर साहब की उलट वासियों को कैसे समझें?
~ आजकल का माहौल इतना ख़राब क्यों हो गया है, कि बिना गाली डाई कोई बात ही नहीं करता?
~ देश के युवा को न ही शास्त्रों की जानकारी है और संतों के दिए ज्ञान की समझ, उन्हें कैसे समझाएँ?
~ भारतीय युवाओं की बोल चाल इतनी क्यों ख़राब हो गई है?
आवत गाड़ी एक होय, उल्टत होय अनेक।
कहे कबीर नहीं उल्टीए,वहीं एक की एक।।
~ कबीर साहब
संगीत: मिलिंद दाते
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