जिस मरनै थै जग डरै, सो मेरे आनंद | कबीर निर्गुण भजन | कबीर वाणी | पूरन परमानंद। Bhagat Network Music
Bhagat Network Music Channel
0:00 / 0:00
जिस मरनै थै जग डरै, सो मेरे आनंद | कबीर निर्गुण भजन | कबीर वाणी | पूरन परमानंद। Bhagat Network Music
155 просмотров · 8 дн. назад
Bhagat Network Music Channel
202 подписчика
155 просмотров · 8 дн. назад
“जिस मरनै थै जग डरै, सो मेरे आनंद।
कब मरिहूँ कब देखिहूँ, पूरन परमानंद॥”
सतगुरु कबीर साहेब की निर्गुण चेतना से प्रेरित यह भावपूर्ण भजन मृत्यु के भय, माया के बंधन, देह की नश्वरता और आत्मा के अमर स्वरूप पर गहरा चिंतन प्रस्तुत करता है।
मनुष्य जिस मृत्यु से भयभीत होता है, संत उसी को परम सत्य से मिलन और पूर्ण आनंद की ओर यात्रा के रूप में देखते हैं। जब मोह, अहंकार और भय का पर्दा हटता है, तब जीव अपने भीतर बसे परम तत्व को पहचानने लगता है।
इस भजन में “जल में कुंभ, कुंभ में जल” की उपमा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की एकता को समझाया गया है। घट टूटने पर जल अलग नहीं रहता—उसी प्रकार देह का आवरण हटने पर आत्मा अपने परम स्वरूप में विलीन हो जाती है।
🌿 भजन का संदेश
• मृत्यु से भय नहीं, सत्य का बोध हो।
• देह नश्वर है, आत्मतत्व अमर है।
• माया और मोह के बंधनों से ऊपर उठें।
• बाहरी आडंबर के बजाय भीतर के सत्य को पहचानें।
• आत्मज्ञान ही वास्तविक आनंद और मुक्ति का मार्ग है।
सतगुरु कबीर साहेब की निर्गुण वाणी हमें याद दिलाती है कि जिसे संसार अंत समझता है, ज्ञानी उसी में परम सत्य का दर्शन करता है।
🎵 भजन: जिस मरनै थै जग डरै, सो मेरे आनंद
🕉️ भाव: निर्गुण भक्ति • आत्मज्ञान • मृत्यु से मुक्ति • परम आनंद
📿 संदेश: भीतर के साहिब को पहचानो और भय के पार जाओ।
प्रस्तुति: Bhagat Network Music Channel
अगर यह भजन आपको आत्मचिंतन और सतगुरु की वाणी से जोड़ता है तो
👍 Like करें | 🔔 Subscribe करें | ↗️ Share करें
और इस निर्गुण संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
#जिसमरनैथैजगडरै
#कबीरभजन
#कबीरसाहेब
#सतगुरुकबीर
#कबीरवाणी
#निर्गुणभजन
#निर्गुणवाणी
#कबीरअमृतवाणी
#आत्मज्ञान
#परमानंद
#आत्माअमरहै
#मायामोह
#संतकबीर
#KabirBhajan
#KabirSaheb
#KabirVani
#NirgunBhajan
#SatguruKabir
#BhagatNetworkMusicChannel