पापा का दूसरा घर Papa Ka Doosra Ghar?
Chai Pe Sach
0:00 / 0:00
पापा का दूसरा घर Papa Ka Doosra Ghar?
50 просмотров · 12 дней назад
Chai Pe Sach
53 подписчика
50 просмотров · 12 дней назад
पिता के जाने के बाद आशा को लगा था कि अब उनके बारे में कोई नया सच सामने नहीं आएगा।
लेकिन बैंक के पुराने रिकॉर्ड देखते हुए उसे एक ऐसी रकम मिलती है...
जो पिछले 11 साल से हर महीने एक ही पते पर भेजी जा रही थी।
किराया।
आशा उस पते तक पहुँचती है...
और वहाँ उसे एक महिला, एक युवक और अपने पिता की तस्वीर साथ में मिलती है।
सब कुछ देखकर उसे लगता है कि उसके पिता की कोई दूसरी जिंदगी थी।
शायद दूसरा घर...
शायद दूसरा परिवार...
लेकिन जब सच खुलता है...
तो कहानी बेवफाई से कहीं ज्यादा भारी निकलती है।
यह सिर्फ एक छुपे हुए किराए की कहानी नहीं है।
यह एक पुराने हादसे, अपराधबोध, जिम्मेदारी और उस सच की कहानी है...
जिसे एक माँ ने सालों तक अपनी बेटी से छुपाकर रखा।
क्या कोई इंसान एक बड़ी गलती करने के बाद भी अच्छा पिता हो सकता है?
और क्या छुपाया गया सच...
कभी प्यार की तरह लगता है, तो कभी धोखे की तरह?
पूरी कहानी सुनिए...
चाय पे सच पर।