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Urdu poetry || शारिक़ कैफ़ी || ‪@VerseOfCheshtha16‬

चेष्ठा🌷

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Urdu poetry || शारिक़ कैफ़ी || ‪@VerseOfCheshtha16‬

416 просмотров · 3 недели назад
चेष्ठा🌷
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कुछ रिश्ते ख़त्म नहीं होते, बस उनमें बातचीत ख़त्म हो जाती है। कुछ ख़त लिखे जाते हैं, मगर कोई उन्हें खोलकर पढ़ता नहीं। कुछ शिकायतें होती हैं, जिन्हें कहने के लिए कोई अपना नहीं मिलता। और फिर इंसान अपने ही भीतर एक पूरी दुनिया लेकर अकेला पड़ जाता है। शायद यही इस ग़ज़ल की सबसे ख़ूबसूरत और सबसे उदास बात है— यह सिर्फ़ ग़म की बात नहीं करती, यह उस तन्हाई की बात करती है जहाँ इंसान अपने दिल की पैरवी भी नहीं कर पाता। कहीं अपनेपन की कमी है, कहीं समझे न जाने की कसक, कहीं अपनी ही साँसों का बोझ, और कहीं एक ऐसी शिकायत जो आख़िरकार इंसानों से होकर ख़ुदा तक पहुँच जाती है। शारिक कैफ़ी के इन अशआर को मैंने अपनी आवाज़ में महसूस करके बयान करने की कोशिश की है। अगर कभी आपको भी लगा हो कि आपके पास कहने को बहुत कुछ था, मगर सुनने वाला कोई नहीं था— तो शायद इस ग़ज़ल का कोई एक शेर आपके भीतर ठहर जाए। इसे सिर्फ़ सुनिए मत… शायद इसमें अपनी कोई अनकही बात भी मिल जाए। #SharikKaifi #SharikKaifiPoetry #Ghazal #GhazalLovers #HindiGhazal #UrduGhazal #UrduPoetry #HindiPoetry #Shayari #UrduShayari #HindiShayari #DeepPoetry #EmotionalPoetry #SadPoetry #HeartTouchingPoetry #Tanhai #Tanhaai #Alone #UnsaidFeelings #UnspokenWords #BrokenHeart #Dard #Shikayat #Mohabbat #Literature #HindiLiterature #UrduLiterature #PoetryLovers #PoetryCommunity #PoetryReels #GhazalReels #ShayariReels #WritersOfInstagram #PoetsOfInstagram