पिंडदान (Pinddaan) - Part-2 | जब महाकाल बने पुत्र और स्वयं किया तर्पण | हिंदी ऑडियो उपन्यास
Rajesh Gupta
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पिंडदान (Pinddaan) - Part-2 | जब महाकाल बने पुत्र और स्वयं किया तर्पण | हिंदी ऑडियो उपन्यास
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Rajesh Gupta
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Story : पिंडदान (Pinddaan) - Part-2 (हिंदी ऑडियो उपन्यास)
Presented By : RG Insight
Youtube Channel: @RGInsight3979
कहानी : पिंडदान (Pinddaan) - Part-2
बनारस के मणिकर्णिका घाट की वह कहानी, जहाँ की हवाओं में शंखनाद और चिताओं का धुँआ एक साथ तैरता है... जहाँ जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी केवल दो गज की रह जाती है।
यह गाथा है आठ साल के मासूम बालक राघव और उसके निष्काम पिता पंडित शिवराम की, जिन्होंने श्मशान की राख के बीच भी करुणा और निष्काम सेवा का दीया जलाया।
यह मेरे उपन्यास "पिण्डदान" की ऑडियो-विज़ुअल सीरीज़ का 2nd भाग है। कुल 16 भाग आएँगे। अगला भाग देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबा दें।
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कहानी और उपन्यास के सर्वाधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति इसे कॉपी या दोबारा अपलोड करना मना है।
उपन्यास यहाँ पढ़ें:
Google Books: https://play.google.com/books
Amazon: https://www.amazon.in/dp/B0H6HVSVCR
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Disclaimer: इस वीडियो की प्रस्तुति (आवाज़ और दृश्य) बनाने में AI टूल्स का सहयोग लिया गया है। कहानी मूल रूप से लेखक की कल्पना पर आधारित है। यह उपन्यास पूर्णतः एक काल्पनिक और साहित्यिक रचना है। इस कहानी के सभी पात्र और उनकी परिस्थितियाँ काल्पनिक हैं। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, परिवार, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है। इसका उद्देश्य केवल सकारात्मक संदेश देना है। इसे किसी भी प्रकार का वास्तविक दावा या धार्मिक अंधविश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास न माना जाए।