माँ कालरात्रि स्तुति 🔱 | Maa Kalratri Stuti | Navratri Day 7 Saptami | Shardiya Navratri 2026
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माँ कालरात्रि स्तुति | Maa Kalratri Stuti — Navratri Saptami 🔱
शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि को माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि अंधकार, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली मानी जाती हैं। मान्यता है कि इनकी कृपा से भय दूर होता है तथा साहस, सुरक्षा और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
Maa Kalratri is the seventh form of Goddess Durga, worshipped on the seventh day (Saptami) of Shardiya Navratri. She is the destroyer of darkness and fear, and devotees seek her blessings for courage, protection and auspiciousness.
इस वीडियो में सुनें माँ कालरात्रि की संस्कृत स्तुति, शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ।
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जय माँ कालरात्रि! जय माता दी! 🙏
Lyrics :-
वन्दे कालरात्रिं देवीं महाघोरामतः पराम् ।
एकवेणीधरां कृष्णां नमामि वरदां शुभाम् ॥
लम्बोष्ठीं कर्णिकापूर्णां तैलाभ्यक्तकलेवराम् ।
गर्दभस्थां महाभागां तमिस्रार्तिविनाशिनीम् ॥
करालवदनां घोरां मुक्तकेशीं चतुर्भुजाम् ।
विद्युन्मालाविभूषाङ्गीं दिव्यनेत्रत्रयान्विताम् ॥
खड्गं शूलं वहन्तीं च वरदाभयपाणिकाम् ।
अन्धकारप्रशमनीं दानवौघविनाशिनीम् ॥
श्वासैः प्रज्वलिताग्निं च मुखान्निःसृतलोहिकाम् ।
रक्तबीजविहन्त्रीं तां नौमि चण्डपराक्रमाम् ॥
सप्तमेऽह्नि प्रपूज्या त्वं योगिनां वरदायिनी ।
सहस्रारस्थितां देवीं ध्यायामि परमेश्वरीम् ॥
नाम ते शुभङ्करी मातर्भक्तानां भयहारिणी ।
स्मरणेनैव नश्यन्ति भूतप्रेतादिकं भयम् ॥
अज्ञानतिमिरं हत्वा ज्ञानलोकं प्रयच्छ मे ।
हृत्पद्मवासिनीं देवीं कालरात्रिं भजाम्यहम् ॥
पापानि शमयाशु त्वं दारिद्र्यं हर सत्वरम् ।
शत्रुबाधाप्रशमनीं पाहि मां शरणागतम् ॥
आयुर्बलं यशः कीर्तिं बुद्धिं च विमलामपि ।
देहि मे वरदे मातः कृपादृष्टिं निपातय ॥
न जाने मन्त्रतन्त्रं वा न पूजाविधिमादरात् ।
केवलन्ते पदाब्जे मे निश्चला भक्तिरस्त्विह ॥
दुष्टग्रहापमृत्युं च नाशयाम्ब कृपामयि ।
सर्वमङ्गलदात्री त्वं कालरात्रि नमोऽस्तु ते ॥
संसारसिन्धुगम्भीरतरङ्गेषु निमज्जतः ।
भव मे तारिणी मातः शरणागतवत्सले ॥
सुगन्धधूपदीपैश्च नैवेद्यैर्गुड़संयुतैः ।
पूजिता वरदा नित्यं प्रीता भव महेश्वरि ॥
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