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आश्विन पूर्णिमा के 4 अलौकिक चमत्कार जो रोंगटे खड़े कर दें | Bhante Yash Ji

Buddhism In Hindi

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आश्विन पूर्णिमा के 4 अलौकिक चमत्कार जो रोंगटे खड़े कर दें | Bhante Yash Ji

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नमो बुद्धाय 🙏 क्या तथागत भगवान बुद्ध ने कभी महिलाओं को पुरुषों से कमतर या हीन माना था? जो लोग बुद्ध धम्म पर स्त्रियों के प्रति संकीर्णता का झूठा आरोप लगाते हैं, उनके लिए आदरणीय भंते यश जी (Bhante Yash) की यह देशना एक ऐतिहासिक और अकाट्य उत्तर है! जिस युग में समाज स्त्रियों को केवल "दो अंगुल की बुद्धि" (सिर्फ चावल पका या नहीं परखने वाली) समझकर पैरों की जूती मानता था, उस युग में तथागत बुद्ध ने राजा प्रसेनजित के सामने सिंहनाद किया था: "इत्थीपि हि एकच्चा सेय्या पोस जनाधिप, मेधाविनी सीलवती सासुदेवा पतिब्बता..." (हे राजन! एक शीलवती, प्रज्ञावान और चरित्रवान स्त्री कई पुरुषों से भी अधिक श्रेष्ठ और वीर पुत्रों को जन्म देने वाली होती है!) तथागत ने भिक्खुनी संघ की स्थापना करके पटाचारा, विशाखा, खेमा, उप्पलवण्णा, कुंडलकेसी और नकुलमाता जैसी विदुषियों को धर्म और प्रज्ञा के सर्वोच्च शिखर पर स्थापित किया। इसके साथ ही आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा / पवारणा दिवस) के 4 ऐसे अलौकिक व ऐतिहासिक प्रसंग जानिए जो हर बौद्ध को गर्व से भर देंगे: 1. तावतींस देवलोक से भगवान बुद्ध का उत्तर प्रदेश के संकास्य (अचल चैत्य) में दिव्य अवतरण। 2. भविष्य के 'मैत्रेय सम्यक संबुद्ध' द्वारा संकास्य में चीवर ग्रहण और तथागत द्वारा उनकी ऐतिहासिक भविष्यवाणी। 3. प्रज्ञा में अद्वितीय धर्म सेनापति सारिपुत्र भंते जी को भिक्षु संघ का अग्र स्थान प्रदान करना। 4. सम्राट अशोक के सुपुत्र अरहंत महिन्द द्वारा श्रीलंका (थूपाराम स्तूप) में 68,000 भिक्षुओं के साथ विनयपिटक की ऐतिहासिक संगीति और बोधिवृक्ष की शाखा लाने का प्रसंग। 5. वर्षावास की समाप्ति, कठिन चीवर दान मास का प्रारंभ (22 नवंबर का महादान) और अकोला के एक उपासक द्वारा अपनी पूरी कमाई से बुद्ध को हीरा भेंट करने की सच्ची श्रद्धा गाथा। 📌 वीडियो के प्रमुख बिंदु (Key Highlights & Timestamps): • [00:00:10] - त्रिरत्न वंदना एवं आश्विन पूर्णिमा का पावन अभिनंदन। • [00:01:45] - वर्षावास पवारणा एवं कठिन चीवर दान मास का पावन प्रारंभ (22 नवंबर का आयोजन)। • [00:02:45] - आश्विन पूर्णिमा का 1st चमत्कार: तावतींस देवलोक से संकास्य (अचल चैत्य) में बुद्ध का अवतरण। • [00:03:45] - 2nd प्रसंग: मैत्रेय बोधिसत्व का चीवर ग्रहण और आगामी बुद्ध बनने की भविष्यवाणी। • [00:04:35] - 3rd प्रसंग: अग्रश्रावक सारिपुत्र भंते को प्रज्ञा में सर्वोच्च स्थान की प्राप्ति। • [00:05:25] - 4th प्रसंग: अरहंत महिन्द, 68,000 अरहंत और श्रीलंका में विनय की प्रथम संगीति। • [00:07:05] - सम्राट अशोक के पुत्र अरहंत महिन्द का 80 वर्ष की आयु में परिनिर्वाण। • [00:09:45] - नारी के प्रति बुद्ध का सच्चा दृष्टिकोण: क्या बुद्ध ने स्त्रियों की निंदा की? • [00:10:45] - राजा प्रसेनजित और बुद्ध संवाद: कन्या जन्म पर राजा का उदास होना और बुद्ध की पावन गाथा। • [00:12:15] - पाटाचारा, खेमा, उप्पलवण्णा और कुंडलकेसी: नारी शक्ति का बौद्ध इतिहास। • [00:14:10] - "दो अंगुल की बुद्धि" वाले पाखंडी समाज को बुद्ध और थेरियों का करारा उत्तर। • [00:17:25] - खुज्जुत्तरा दासी द्वारा 500 रानियों को धर्म सुनाकर श्रोतापन्न बनाना। • [00:19:10] - नकुलमाता का अनुपम पातिव्रत्य: मृत्यु शैय्या पर पति को निर्भय करने वाली प्रज्ञावान पत्नी। • [00:22:20] - डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और माता रमाई का अतुलनीय त्याग व समर्पण। • [00:23:45] - अकोला के उपासक का प्रेरक दृष्टांत: सैलरी से माता-पिता की सेवा और बुद्ध को हीरा अर्पण। इस ऐतिहासिक सत्यों को उजागर करने वाली, महिलाओं के आत्म-सम्मान को जगाने वाली और आश्विन पूर्णिमा का वास्तविक गौरव बताने वाली पावन देशना को अंत तक अवश्य सुनें और हर परिवार के साथ साझा करें। 🔔 बुद्ध धम्म की प्रामाणिक देशनाओं और ऐतिहासिक प्रसंगों से जुड़े रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं। सबका मंगल हो! सबका कल्याण हो! नमो बुद्धाय | जय भीम #BuddhismInHindi #BhanteYash #AshwinPurnima #MaitreyaBuddha #SankasyaAvtaran #WomenInBuddhism #NariShaktiBuddha #SariputraThera #KathinaCivaraDana #ArhatMahinda #JaiBhim #NamoBuddhay