1650 गोलियां और एक खूनी कुआँ: क्या थी जलियांवाला बाग की असली कहानी? | History of 13 April 1919
humans history of stone age
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1650 गोलियां और एक खूनी कुआँ: क्या थी जलियांवाला बाग की असली कहानी? | History of 13 April 1919
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13 अप्रैल 1919… भारतीय इतिहास का वह सबसे दर्दनाक दिन, जब अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी मना रहे और शांतिपूर्ण सभा कर रहे निहत्थे लोगों पर जनरल डायर ने अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं। इस वीडियो में हम जानेंगे कि उस खौफनाक दिन असल में क्या हुआ था, क्यों लोग वहां इकट्ठा हुए थे और इस घटना ने कैसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी।
वीडियो को अंत तक देखें और उन सभी अमर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दें। अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो लाइक और शेयर जरूर करें, और इतिहास के ऐसे ही अनछुए पहलुओं को जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।
Timestamps / Chapters:
0:00 - प्रस्तावना: 13 अप्रैल 1919 का दिन
0:30 - जलियांवाला बाग में भीड़ क्यों जुटी थी? (रॉलेट एक्ट और नेताओं की गिरफ्तारी)
1:15 - जनरल डायर का खूनी आदेश और गोलीबारी
2:00 - शहीदी कुआँ और उस दिन का दर्दनाक मंजर
2:45 - इस घटना का स्वतंत्रता आंदोलन पर प्रभाव (रवींद्रनाथ टैगोर का नाइटहुड त्यागना)
3:15 - श्रद्धांजलि और उपसंहार
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