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ईश्वर-स्तुति-प्रार्थना-उपासना मंत्रगान Ishwar-stuti-prarthana-upasana mantra song. Jukebox lyrics.

आर्य संस्कार Arya Sanskar

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ईश्वर-स्तुति-प्रार्थना-उपासना मंत्रगान Ishwar-stuti-prarthana-upasana mantra song. Jukebox lyrics.

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आर्य संस्कार Arya Sanskar
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ओ३म् नमस्ते 🙏🏻 स्वर- ब्रम्हचारी अरुण कुमार "आर्यवीर" यह संगीत वेद के ईश्वर-स्तुति-प्रार्थना-उपासना मंत्रों पर आधारित है। जो मेरा सबसे प्रिय संगीत है...। 1. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 सकल जगत के उत्पादक हे, हे सुखदायक शुद्ध स्वरूप। हे समग्र ऐश्वर्ययुक्त हे, परमेश्वर हे अगम अनूप।। दुर्गुण-दुरित हमारे सारे, शीघ्र कीजिए हमसे दूर। मंगलमय गुण-कर्म-शील से, करिए प्रभु हमको भरपूर।। सकल जगत के उत्पादक हे..... मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • सकल जगत के उत्पादक हे, भाग-1 संगीत Sakal j...   2. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 छिपे हुए थे जिसके भीतर, तेजोमय विधु औ दिनमान। एक मात्र स्वामी भूतों का, सुप्रसिद्ध चिद्रूप महान्।। धारण वह ही किए धरा को, सूर्यलोक का भी आधार। सुखमय उसी देव का हवि से, यजन करें हम बारंबार।। छिपे हुए थे जिसके भीतर, मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 2 छिपे हुए थे जिसके भीतर, आर्य संस्का...   3. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 आत्मज्ञान का दाता है जो, करता हमको शक्ति प्रदान। विद्वद्वर्ग सदा करता है, जिसके शासन का सम्मान।। जिसकी छाया सुखद सुशीतल, दूरी है दुःख का भंडार। सुखमय उसी देव का हवि से, यजन करें हम बारंबार।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग-3 आत्म ज्ञान का दाता है जो, वेद मंत्र ...   4. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 जो अनन्त महिमा से अपनी, जड़-जंगम का है अधिराज। रचित और शासित हैं जिससे, जगतिभर का जीव समाज।। जिसके बल विक्रम का यश का, कण-कण करता जयजयकार। सुखमय उसी देव का हवि से, यजन करें हम बारंबार।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 4 जो अनंत महीमा से अपनी संगीत। आर्य स...   5. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 किया हुआ है धारण जिसने, नभ में तेजोमय दिनमान। परमशक्तिमय जो प्रभु करता, वसुधा को अवलम्ब प्रदान।। सुखद मुक्तिधारक लोकों का, अन्तरिक्ष में सिरजनहार। सुखमय उसी देव का हवि से, यजन करें हम बारंबार।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 5 किया हुआ है धारण जिसने संगीत kiya h...   6. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 जड़़-चेतन जगति के स्वामी, हे प्रभु तुमसा और नहीं। जहां समाए हुए न हो तुम, ऐसा कोई ठौर नहीं।। जिन पावन इच्छाओं को ले, शरण आपकी हम आएं। पूरी होवें सफल सदा हम, विद्या-धन-वैभव पाएं।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 6 जड़-चेतन जगती के स्वामी  Jad-chetan ...   7. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 भ्राता तुल्य सुखद् वह ही प्रभु, सकल जगत का जीवन प्राण। मानव के सब यत्न उसी की, करुणा से होते फलवान।। सदानन्दमय धाम तीसरा, सुख-दुःख के द्वन्द्वों से दूर। करके प्राप्त उसे ज्ञानी जन, आनन्दित रहते भरपूर।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 7 भ्राता तुल्य सुखद वह ही प्रभु Bhrat...   8. इसका शब्दांजली नीचे दिया गया है.....। 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 स्वयं प्रकाशित ज्ञानरूप हे ! सर्वविद्य हे दयानिधान। धर्ममार्ग से प्राप्त कराएं, हमें आप ऐश्वर्य महान्।। पापकर्म कौटिल्य आदि से, रहें दूर हम हे जगदीश। अर्पित करते नमन आपको, बारंबार झुकाकर शीश।। मंत्र सहित देखने के लिए नीचे लिंक पर जाएं.... 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻    • भाग- 8 स्वयं प्रकाशित ज्ञानरुप हे, Swayam ...   🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻