जियें कैसे? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर साहब पर (2024)
शास्त्रज्ञान
0:00 / 0:00
जियें कैसे? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर साहब पर (2024)
54 354 просмотра · 1 год назад
शास्त्रज्ञान
1,05 млн подписчиков
54 354 просмотра · 1 год назад
🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं?
लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir...
📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?...
~~~~~~~~
वीडियो जानकारी: 30.03.24, संत सरिता, ग्रेटर नॉएडा
Title : जियें कैसे? || आचार्य प्रशांत, संत कबीर साहब पर (2024)
📋 Video Chapters
0:00 - भूमिका (Intro)
0:04 - जीवन जीने की कला: अंजन में रहते हुए निरंजन की ओर
6:23 - देवदास फ़िल्म का उदाहरण: क्या त्यागें क्या रखें?
17:57 - ज़ेन कोआन की कहानी से सीख
22:37 - जिससे भागोगे, उसकी सच्चाई कैसे जानोगे
33:32 - अंजन का सदुपयोग निरंजन के लिए
44:45 - मूर्खता वाले आत्मविश्वास और वास्तविक श्रद्धा में फ़र्क
52:16 - दुनिया से रिश्ता कैसा हो?
56:47 - लकड़हारे की बोध कहानी से सीख
1:01:07 - जियें कैसे?
1:06:09 - अपना हाथ मैला करने से डर क्यों?
1:12:13 - अंजन को जीवन का साधन बनाएँ
1:19:26 - राम निरंजन न्यारा रे…भजन
1:26:06 - समापन
प्रसंगः
~ अंजन को कैसे छोड़ा जाता है?
~ अगर जीवन से अंजन को हटाना है तो जियें कैसे?
~ प्रकृति का उपयोग कर के प्रकृति के पार कैसे जाएं?
~ जीवन के खेल में खिलाड़ी की तरह कैसे जियें?
~ श्रद्धा का वास्तविक अर्थ क्या है?
राम निरंजन न्यारा रे, अंजन सकल पसारा रे!
अंजन उतपति, ॐ कार, अंजन मांगे सब विस्तार,
अंजन ब्रह्मा, शंकर, इन्द्र, अंजन गोपी संगि गोविंद रे ॥1।।
अंजन वाणी, अंजन वेद, अंजन किया नाना भेद,
अंजन विद्या, पाठ-पुराण, अंजन वो घट घटहिं ज्ञान रे ॥2॥
अंजन पाती, अंजन देव, अंजन ही करे, अंजन सेव,
अंजन नाचे, अंजन गावै, अंजन भेष अनंत दिखावै रे ॥3॥
अंजन कहीं कहां लग केता? दान-पुनि-तप-तीरथ जेथा !
कहे कबीर कोई बिरला जागे, अंजन छाड़ि निरंजन लागे । ॥4॥
~ कबीर साहब
अंजन ब्रह्मा, शंकर, इन्द्र अंजन गोपी संग गोविंद ॥
~ संत कबीर
अंजन कहो कहाँ लग केता? दान-पुनि-तप-तीरथ जेथा।
~ संत कबीर
संगीत: मिलिंद दाते
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
#acharyaprashant