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शरद पूर्णिमा की व्रत कथा इस दिन खीर क्यों बनाते है | #indreshji #indreshupadhyayji #sharadpurnima

Radha Raman Kripaa

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शरद पूर्णिमा की व्रत कथा इस दिन खीर क्यों बनाते है | #indreshji #indreshupadhyayji #sharadpurnima

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#indreshji #indreshupadhyayji #sharadpurnima शरद पूर्णिमा की व्रत कथा इस दिन खीर क्यों बनाते है | #indreshjimaharaj #indreshupadhyay #indresh #indreshjikrishanleela #indreshjipravachan #indreshjibhagwatkatha #indreshjithoughts #thakurji #sharadpurnima #sharadpurnimaspecialbhajan #sharadpurnimapuja #sharadpunam #sharadpurnimakikatha #radhakrishna #krishna #krishnaleela #raasleela #vrindavan #brij #sanatandharma #radharamankripaa शरद पूर्णिमा का व्रत आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा का विधान है। शरद पूर्णिमा व्रत के नियम • प्रातःकाल स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। • उपवास और आहार: इस दिन पूरे दिन उपवास रखें; जल और फलाहार ले सकते हैं। • चंद्रमा को अर्घ्य: रात्रि के समय चंद्रोदय होने पर तांबे या मिट्टी के कलश से चंद्र देव को अर्घ्य दें। • खीर का भोग: गाय के दूध, चावल और चीनी/मिश्री से बनी खीर को रात में चंद्रमा की चांदनी (खुले आसमान) में रखें। रात का एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) बीतने के बाद इसे माता लक्ष्मी और चंद्र देव को अर्पित करें। • दीपक प्रज्वलन: शाम को चंद्रोदय के समय घी या तेल के दीपक (संभव हो तो 100 दीपक) जलाएं। • कथा और भजन-कीर्तन: रात में बैठकर शरद पूर्णिमा की व्रत कथा सुनें और भजन-कीर्तन करें। • संयम रखें: इस दिन कटु वाणी, विवाद और क्रोध से बचें।