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बिघ्न बिनासक मोर | #New #chhattisgarhi #ganesh #bhajan | यज्ञदत्त #यज्ञ | #devotional #hindi #song

Kahan man ki udaan

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बिघ्न बिनासक मोर | #New #chhattisgarhi #ganesh #bhajan | यज्ञदत्त #यज्ञ | #devotional #hindi #song

608 просмотров · 10 дн. назад
Kahan man ki udaan
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🎵 Song: जय हो बिघ्न बिनासक मोर (Chhattisgarhi Ganesh Bhajan) ✍️ Lyrics & Concept: यज्ञदत्त #यज्ञ 🎼 Music Composition: यज्ञदत्त #यज्ञ (Arranged with Suno AI Pro - Commercial License) 🎙️ Vocals: AI Vocals 🚩 Deity: Lord Ganesha (विघ्नहर्ता श्री गणेश स्तुति एवं वंदना) 🌐 Language: Chhattisgarhi (छत्तीसगढ़ी) ================================================== 📜 ABOUT THE SONG: "जय हो बिघ्न बिनासक मोर" छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की माटी की सुगंध और पारंपरिक संगीत के अद्भुत समन्वय से रची गई भगवान श्री गणेश की एक अत्यंत ऊर्जावान और भावपूर्ण वंदना है। मांदर की थाप और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी शब्दों के ताने-बाने से बुनी यह रचना विघ्नहर्ता बप्पा के आगमन की प्रसन्नता और उनके प्रति अनन्य श्रद्धा को प्रकट करती है। 🔔 दिव्य भजनों और आध्यात्मिक रचनाओं के लिए चैनल को Subscribe जरूर करें! 👉    / @kahan-man-ki-udaan   ================================================== 📖 FULL LYRICS (गीत के बोल): हो हो हे... अरे रे रे रे... भाई रे! सोर उड़े हे चारों मुड़ा, मांदर बाजत घनघोर। प्रथम सुमिरन गनपति ला, बिघ्न बिनासक मोर। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! गौरी के लाला, जेकर बिघ्न बिनासक नाँव, ओ कर पईंया परों, पधारत हे हमर गाँव ।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! बल बुद्धि भाग बिधाता, हरे प्रथमेश विनायक जी हरे सम्भु के दुलरवा, रिद्धि सिद्धि सुखदायक जी ।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! गौरी के नंदन गनपति, बिद्या के भंडार। रिद्धि-सिद्धि लेके पधारो, मिटे सब अंधियार।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! मूषक चढ़के आ गिस, हमर प्रथमेश देवा। गाँव-गाँव मा गुंजत हे, गनपति तोर सेवा।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! चार भुजाधारी बिराजे, मस्तक सिंदूर सोहाय। जेकर सुमिरन ले भाई, जम्मो बिघ्न टल जाय।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! अरे रे रे रे... भाई रे! लंबोदर महाराजा हे, मोदक भोग लगाँव। चरन कमल मा सीस नवाके, जस तोर मैं गाँव।। जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! जय हो, बिघ्न बिनासक मोर.... ! जुग वंदों, में पईंया परों तोर... ! ================================================== ⚠️ LEGAL COPYRIGHT NOTICE: © 2026 [यज्ञदत्त #यज्ञ / Your kahan-man-ki-udaan]. All Rights Reserved. • The lyrics, poetry, and literary concept of this song are the exclusive, original intellectual property and copyrighted work of यज्ञदत्त #यज्ञ . • The sound recording, arrangement, and musical composition are commercially owned by यज्ञदत्त #यज्ञ . Any unauthorized reproduction, re-uploading, copying of lyrics, re-recording/covers, distribution, or commercial use of this audio/video/lyrics (in whole or in part) on YouTube, Facebook, Instagram, Spotify, or any digital platform without prior written permission is strictly prohibited. Violators will be subject to immediate DMCA takedown strikes and legal enforcement under applicable copyright laws. 📩 For licensing, sync rights, or inquiries: [kaagaz.kalam.zabaan@gmail.com] ================================================== #new #shorts #shortvideo #viral #reels #CGBhajan #ChhattisgarhiGaneshBhajan #MandarBajatGhanghor #JaiHoBighnaBinasakMor #YagyaduttYagya #यज्ञदत्तयज्ञ #KahanManKiUdaan #NewCGSong2026 #GanpatiBappaMorya #AIBhajan