DAY- 4 | श्रीमद्भागवत कथा | आचार्य श्री सागर तिवारी जी | चिकनी कुआँ, गढ़ा (जबलपुर) | sadhna sarovar
आचार्य श्रीसागरजी महाराज
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DAY- 4 | श्रीमद्भागवत कथा | आचार्य श्री सागर तिवारी जी | चिकनी कुआँ, गढ़ा (जबलपुर) | sadhna sarovar
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॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॥
॥ नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥
साधना सरोवर (Sadhna Sarovar) के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं, माताओं, बहनों और भगवत् भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं वंदन है।
संस्कारधानी जबलपुर के चिकनी कुआँ, गढ़ा में आयोजित पावन एवं अमृतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस (Day - 4) में आज का प्रसंग अत्यंत दिव्य और अलौकिक है।
कथा व्यास पूज्य आचार्य श्री सागर तिवारी जी के पावन मुखारविंद से आज भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य, दिव्य श्री कृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव की अमृतमयी कथा का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।
✨ आज की कथा का मुख्य प्रसंग (Day - 4):
दिव्य प्रसंग: वासुदेव-देवकी कारागार प्रसंग एवं भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य
नंदोत्सव: गोकुल में बधाई गान एवं आनंद उत्सव (नंद के घर आनंद भयो)
जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान भक्तों के उद्धार हेतु अवतार लेते हैं। आज का यह प्रसंग हर भक्त के हृदय को आनंद, प्रेम और भक्ति से सराबोर कर देने वाला है।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥
कथा श्रवण करने मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का शमन होता है तथा हृदय में भक्ति और ज्ञान का उदय होता है।
भगवान की यह अमृतवाणी हमारे अंतःकरण को शुद्ध करती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक शांति का संचार करती है। आइए, घर बैठे इस पावन कथा के साथ जुड़ें और प्रभु भक्ति के रस में गोते लगाएं।