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सम्राट अशोक ने 18000 जैनों की हत्या क्यों करवाई? • दिव्यावदान ग्रन्थ • अशोकावदान ग्रन्थ 🙏

Hamara Ateet

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सम्राट अशोक ने 18000 जैनों की हत्या क्यों करवाई? • दिव्यावदान ग्रन्थ • अशोकावदान ग्रन्थ 🙏

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आपका स्वागत है 🙏 Facebook -   / hamaraateet   Instagram -   / hamaraateet   X - https://x.com/hamaraateet Telegram - https://t.me/HamaraAteet Website - www.jagranmantra.com 1837 से पहले भारत में कोई सम्राट अशोक को नहीं जानता था। बौद्ध ग्रंथों में अशोक का वर्णन था, लेकिन अंग्रेजों के समय तक भारत से बौद्ध धर्म प्रत्यक्ष रूप से समाप्त कर दिया गया था। बिंदुसार का पुत्र अशोक अभी-अभी पाटलिपुत्र के सिंहासन पर बैठा था। युवा राजा शीघ्र ही अपनी क्रूरता के लिए बदनाम हो गया। एक दिन उसने अपने पाँच सौ मंत्रियों का सिर काट डाला। एक अन्य अवसर पर उसने अपनी पाँच सौ रानियों को स्वयं अपने हाथों से जीवित जला दिया। अशोकावदान ग्रंथ मुख्य रूप से दिव्यावदान ग्रंथ का हिस्सा है। यह ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखा गया महायानी ग्रंथ है। इस ग्रंथ के संबंध में कहा जाता है कि इसकी रचना प्रथम शताब्दी के आस - पास हुई थी, लेकिन प्रथम शताब्दी में संस्कृत भाषा नहीं थी। उस समय प्राकृत से प्रभावित संस्कृत भाषा चलती थी जो वर्तमान संस्कृत से भिन्न थी। उसमें प्राकृत भाषा का प्रभाव ज्यादा दिखाई देता है। अशोकावदान ग्रंथ से संबंधित जो पांडुलिपियां आज उपलब्ध हैं वह 16वीं शताब्दी में लिखी गई थीं। यह पांडुलिपियां संस्कृत भाषा की हैं। इन्हीं पांडुलिपियों पर आजीवकों की हत्या का वर्णन है। #history #samratashok #ashokavadana Disclaimer Video is for educational purposes only. Copyright disclaimer under 107 of the copyright acts 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statutes that might otherwise be infringing. Non-profit, educational, or personal use tips the balance in favor of fair use.