सुरक्षित बचपन अभियान के तहत POCSO Act पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Seth M. R. Jaipuria School Motihari- IT Support
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सुरक्षित बचपन अभियान के तहत POCSO Act पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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प्रेस विज्ञप्ति (PRESS RELEASE)
सुरक्षित बचपन अभियान के तहत POCSO Act पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
*ADJ श्री राघवेन्द्र नारायण सिंह ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण के प्रति किया जागरूक*
*मोतिहारी, 30 अक्टूबर 2026।*
सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, मोतिहारी में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में *‘सुरक्षित बचपन अभियान (Safe Childhood Campaign)’* के अंतर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act, 2012) पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) *श्री राघवेन्द्र नारायण सिंह* रहे। विद्यालय परिसर में उनका स्वागत विद्यालय के निदेशक *श्री रोहित कुमार* एवं प्रधानाचार्य *श्री रतन किशोर श्रीवास्तव* द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में कक्षा 1 से कक्षा 9 तक के सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं प्रशासनिक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, आत्मसम्मान तथा किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध जागरूक एवं सजग बनाना था।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को दिया महत्वपूर्ण कानूनी मार्गदर्शन
अपने संबोधन में माननीय ADJ डॉ. राघवेन्द्र नारायण सिंह ने विद्यार्थियों को POCSO Act, 2012 के विभिन्न प्रावधानों तथा बच्चों को यौन शोषण से कानूनी संरक्षण प्रदान करने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने विशेष रूप से *Good Touch and Bad Touch, Personal Safety, Body Autonomy, Child Sexual Abuse Prevention एवं Cyber Safety* जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि उनका शरीर उनका अपना है और उन्हें अपनी व्यक्तिगत सीमाओ एवं सुरक्षा के अधिकार के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए अनुचित व्यवहार, स्पर्श अथवा असहज महसूस कराने वाली गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी किसी भी परिस्थिति में चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को तुरंत इसकी जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है तथा किसी भी प्रकार के डर, दबाव या प्रलोभन में आकर अनुचित व्यवहार को छिपाना नहीं चाहिए।
डिजिटल युग में इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन बातचीत करने, निजी जानकारी साझा करने तथा अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें एवं वीडियो किसी के साथ साझा करने में सावधानी बरतने की सलाह दी।
माननीय न्यायाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन एवं पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को निडर, सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं प्रशासनिक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में कक्षा 1 से 9 तक के सभी विद्यार्थियों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बच्चों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह एवं गंभीरता के साथ महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं प्रशासनिक सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस सामूहिक सहभागिता का उद्देश्य विद्यालय में ऐसा सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण विकसित करना था, जहाँ प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो और किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में बिना भय के अपनी बात रख सके।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्री दीपेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। सुश्री दीक्षा, सुश्री अंकिता कुमारी, सुश्री अलीशा श्रीवास्तव एवं श्री सूरज पासवान ने भी मंच संचालन एवं कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम की संपूर्ण निगरानी, समन्वय एवं व्यवस्थापन विद्यालय की अकादमिक समन्वयक सुश्री भाव्या आनंद एवं श्री सितांशु सिन्हा द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की पूर्व तैयारियों से लेकर मंच व्यवस्था, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय एवं आयोजन के सफल संचालन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में श्री अमन गौतम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, प्रशासनिक सदस्यों एवं कार्यक्रम से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थानीय पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की भूमिका भी रही सराहनीय रही।
इस अवसर पर स्थानीय समाचार पत्रों एवं विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। बाल संरक्षण एवं कानूनी जागरूकता से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने में स्थानीय पत्रकारों की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही।
उन्होंने अपनी सक्रिय सहभागिता एवं सकारात्मक सहयोग के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा सुरक्षित बचपन के महत्व से संबंधित संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विद्यालय परिवार ने सभी पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी POCSO Act, Child Rights, Personal Safety, Cyber Security एवं Child Protection से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं सजग रह सके।
"हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मान और भयमुक्त वातावरण में जीने का अधिकार है। बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
— The Jaipurian News, Motihari