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चलहि राधिके सुजान | श्रीजी के लिए श्याम ने रचाया रास | श्री हित चतुराशी पद 12 | Cinematic

Vrindavan Bhakti Vives

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चलहि राधिके सुजान | श्रीजी के लिए श्याम ने रचाया रास | श्री हित चतुराशी पद 12 | Cinematic

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Vrindavan Bhakti Vives
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शरद पूर्णिमा की निर्मल चाँदनी, यमुना का सुंदर तट और श्रीप्रियाजी के लिए स्वयं रास-मंडल सजाते श्रीलालजी… 🌸 अंतरंगा सखी श्रीराधारानी से प्रेमपूर्वक निवेदन करती है—“चलहि राधिके सुजान…”। वहाँ मधुर मुरली, सखियों के गायन-वादन और नृत्य के बीच प्रियतम उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। श्री हित हरिवंश महाप्रभु विरचित श्री हित चतुराशी के पद 12 की इस Cinematic प्रस्तुति में श्रीलालजी की प्रेम-सेवा, सखियों का निमंत्रण और श्रीश्यामा-श्याम की मधुर रास-क्रीड़ा के दर्शन कीजिए। 🌸 पद: चलहि राधिके सुजान 🌸 वाणी: श्री हित चतुराशी — पद 12 🌸 रचयिता: श्री हित हरिवंश महाप्रभु 🌸 चैनल: Vrindaban Bhakti vives आपको इस पद का कौन-सा भाव सबसे प्रिय लगा? कमेंट में अवश्य बताइए। राधे राधे 🙏 जय श्री हित हरिवंश! #ShriHitHarivansh #RadhaKrishna #SharadPurnima #RaasLeela #HitChaturashi