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कामाख्या के तांत्रिक भी क्यों इस रहस्य को नहीं बताते?#shortsfeed #kamakhyatemple #tantrik #mata

Spiritualbiharan

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कामाख्या के तांत्रिक भी क्यों इस रहस्य को नहीं बताते?#shortsfeed #kamakhyatemple #tantrik #mata

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Spiritualbiharan
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माता मुंडेश्वरी मंदिर जो बिहार में है तांत्रिकों का गढ़ माना जाता है वहां भी बलि चढ़ती है लेकिन उस तरीके से नहीं जिस तरह माता कामाख्या मंदिर में बली दी जाती है मुंडेश्वरी मंदिर के पुजारी माता के पास से अक्षत ले कर बकरे पे डालते है और वो बकरा अचेत हो जाता है जैसे उसमें प्राण ही नहीं हो,और फिर थोड़ी देर बाद पुजारी फिर अक्षत बकरे पे डालते है बकरा जीवित हो जाता है तो माता मुंडेश्वरी मंदिर में ऐसे बलि दी जाती है लेकिन माता कामाख्या मंदिर में जो बलि दी जाती है वह बहुत ही भयानक होता है बहुत ही डरावना होता है ऐसा क्यों है...तो दोस्तो इसके पीछे बहुत ही डरावनी स्टोरी है आइए जानते है...!नीलांचल पर्वत पे एक समय में नरकासुर का राज था जो माता कामाख्या का बहुत बड़ा भक्त था लेकिन शक्ति को पाने की लालच आगई उसके मन में वो और शक्तिशाली होना चाहता था और मां कामाख्या से विवाह करने की इक्षा जागृत हो गई उसके मन में विवाह का प्रस्ताव वो माता कामाख्या के सामने कहता है तो माता यहां उसे मना नहीं करती और मंद मंद मुस्कुराते हुए कहती है अवश्य विवाह करूंगी लेकिन मेरी एक शर्त है अगर तुमने वो पूरा कर दिया तो विवाह मै करूंगी तुम्हारे साथ माता कामाख्या अपना शर्त बताती है कि ये जो नीलांचल पर्वत है उसपे जमीन से लेकर ऊपर शिखर तक तुम्हे एक रात में सीढ़ी बनानी होगी अगली सुबह मुर्गे की बंग से पहले अगर तुमने ये कार्य पूरा कर लिया नरकासुर तो मैं तुम्हे निराश नहीं करूंगी... नरकासुर मन ही मन बड़ा खुश हुआ वो सोचा कि मेरी इतनी बड़ी सेना है मै ये काम आवश्य कर लूंगा और वो अपनी सेना के साथ सीढ़ी बनाने में लग जाता है अब सुबह होने से कुछ पहर पहले माता ने देखा कि नरकासुर अपना टारगेट पूरा कर लेगा इसलिए मा ने उस मुर्गे से निवेदन की जो सुबह बंग लगाने वाला था मां ने कहा कि वो बांग जल्दी लगाए तो मुर्गा मान गया और सुबह होने से पहले ही बंग लगा दिया नरकासुर बंग सुन कर काम छोड़ कर नीरस हो कर अपनी महल चला गया तभी उसको आभास हो गया कि उसके साथ छल हुआ तो नरकासुर गुस्से से तिलमिला उठा और परण लिया कि वो माता कामाख्या की पूजा किसी को अब नहीं करने देगा । कुछ समय बिता और नीलांचल पर्वत पे आगमन हुआ महर्षि वशिष्ठ का जो दर्शन करने जा रहे थे माता कामाख्या का तभी नरकासुर की सेना ने रोक दिया और दर्शन नहीं करने दिया तो महर्षि वशिष्ठ खुद नरकासुर के पास गए और पूछे कि मुझे क्यों रोका जा रहा है तो नरकासुर अपना प्राण बताता है महर्षि वशिष्ठ ने कहा कि नरकासुर तुम्हे अंदाजा नहीं है कि तुम किस शक्ति से मुकाबला करना चाहते हो मृत्यु को प्राप्त हो जाओगे पर नरकासुर महर्षि की बात को समझ नहीं पाया तो महर्षि वशिष्ठ ने नरकासुर को श्राप दिया कि भगवान विष्णु के अवतार के द्वारा तुम्हारी मृत्यु होगी और माता कामाख्या इस क्षेत्र को छोड़ कर चली जाएगी।श्राप देकर महर्षि वशिष्ठ चले गए । दोस्तो नरकासुर भाग के मंदिर जाता है और देखता है कि माता कामाख्या मंदिर में जो योनि बनी है वो पूर्ण रूप से गायब है।समय बिता भगवान विष्णु के अवतार के द्वारा नरकासुर का वध हुआ और माता कामाख्या को पुनः उस क्षेत्र में स्थापित करना था तव सब ने फिर से महर्षि वशिष्ठ को बुलाया और निवेदन किया कि अपने ही श्राप दिया था अब आप ही उपाय बताए तब महर्षि वशिष्ठ ने कहा कि माता कामाख्या की पूजा आज से यहा वंचार पद्धति से होगी तभी माता सिद्ध होंगी तभी से बलि प्रथा का सिस्टम शुरू हुआ कामाख्या में ।।दोस्तो आप चले भी जाओ माता कामाख्या के दर्शन करने पर तबतक उनका दर्शन नहीं होगा जब तक माता की इक्षा न हो ज्ञानिष्ठ बनो वीडियो अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें। #kamakhyadevi #kamakhyaaalayam #mayongblackmagic #mayong #tantra_mantra_sadhna #kalajadu #blackmagic #blackmythwukonggameplay #kalajadumantarspecialist #mayongtantra #matakamandir #kamakhyasecrets #kamakhya_devi #kamakhyamantra #kamakhyashrungarmahal #vairalvideo #2025 #vairalvideos #hanumanjiupay