Перейти к содержимому

!! Day - 05 !! Shree Mad Bhagwat Katha !! Dr. Mithila Vihari Das Ji !! Khajuha Rewa ( M.P. ) !!

भक्तिरसामृतम्

0:00 / 0:00

!! Day - 05 !! Shree Mad Bhagwat Katha !! Dr. Mithila Vihari Das Ji !! Khajuha Rewa ( M.P. ) !!

887 просмотров · Трансляция закончилась 10 дн. назад
भक्तिरसामृतम्
406 подписчиков
887 просмотров · Трансляция закончилась 10 дн. назад
!! Day - 05 !! Shree Mad Bhagwat Katha !! Dr. Mithila Vihari Das Ji !! Khajuha Rewa ( M.P. ) !! 🌹भक्तिरसामृतम्🌹 डॉ. भारत प्रसाद मिश्र ‘मिथिला विहारी दास जी महाराज’ कथाव्यास संस्कृत एवं हिन्दी साहित्यकार यज्ञाचार्य 🙏 सादर स्वागत एवं अभिनन्दन! 🙏 ‘भक्तिरसामृतम्’ में आपका हार्दिक स्वागत है। यह भक्ति, अध्यात्म, सनातन संस्कृति, श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण तथा भारतीय धर्म-दर्शन के अमृतमय विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का विनम्र प्रयास है। 🌺 संक्षिप्त परिचय 🌺 डॉ. भारत प्रसाद मिश्र ‘मिथिला विहारी दास जी महाराज’ का जन्म श्री सीताराम विवाहोत्सव समैया स्थल, पोंड़ी कला, सतना (मध्य प्रदेश) में हुआ। आप व्याकरणाचार्य, आयुर्वेद रत्न, हिन्दी में स्नातकोत्तर (एम.ए.), बी.एड. तथा विद्यावारिधि (पी-एच.डी.) की उपाधियों से विभूषित हैं। 🙏 गुरु-कृपा एवं कथाव्यास-परम्परा आप श्री श्री 1008 स्वामी श्री रामहर्षण दास जी महाराज के कृपापात्र एवं उनसे दौहित्र-सम्बन्ध रखने के कारण गुरु-परम्परा से विशेष रूप से सम्बद्ध हैं। गुरुदेव की कृपा एवं संत-महात्माओं के सान्निध्य में आपने मात्र 18 वर्ष की आयु से ही श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, श्रीमद्भागवत महापुराण, विष्णुपुराण, हरिवंशपुराण, शिवपुराण आदि अनेक पवित्र ग्रन्थों की शताधिक कथाएँ कहने का सौभाग्य प्राप्त किया। यज्ञाचार्य के रूप में सेवा गुरुदेव की कृपा से आपने अयोध्या, खजुहा, रीवा, शाहनगर, विजयराघवगढ़, सागर आदि विभिन्न स्थानों के विशिष्ट मन्दिरों में प्राण-प्रतिष्ठा तथा 500 से अधिक रामार्चा महायज्ञों में यज्ञाचार्य की भूमिका निभाई। साथ ही अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों को विधिपूर्वक सम्पन्न कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बाल्यकाल से लेकर वर्तमान समय तक देश के विभिन्न भागों में आपके अनेक कृपापात्र शिष्य एवं अनुयायी धर्म, अध्यात्म, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। प्रमुख साहित्यिक कृतियाँ संस्कृत एवं हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में आपकी अनेक रचनाएँ प्रकाशित अथवा सृजित हैं। प्रमुख कृतियाँ निम्नलिखित हैं— श्रीमद्रामहर्षणायनम् — महाकाव्य श्री परशुराम-लक्ष्मण संवाद — नाटक कृष्णावतरण — काव्य सूक्ति-सुधार्णव — हिन्दी-संस्कृत भाषा में 15,000 सूक्तियों का विशाल ग्रन्थ बधाई पदावली श्रीसद्गुरुचरणशतकम् श्री सीताराम विवाहोत्सव श्रीमद्भागवत रहस्य शतकावली आपकी रचनाओं में भक्ति, भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, सदाचार, गुरु-महिमा, जीवन-मूल्य तथा साहित्यिक चेतना की अभिव्यक्ति मिलती है। अध्यापन एवं शैक्षिक सेवाएँ आपने प्रथमा से आचार्य-पर्यन्त विभिन्न स्तरों पर अध्यापन करते हुए संस्कृत-शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा के संवर्धन में दीर्घकाल तक योगदान दिया है। शिक्षण क्षेत्र में भी भारत शासन से आपको कई बार प्रशस्ति-पत्र प्राप्त हुए। डीएवी जैसे ख्यातिप्राप्त विद्यालय के शिक्षकों तथा एनटीपीसी जैसी संस्थाओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रमुख अध्यापन स्थल: • शासकीय संस्कृत महाविद्यालय, खजुरीताल, सतना (मध्य प्रदेश) • शासकीय संस्कृत महाविद्यालय, देवेन्द्रनगर (मध्य प्रदेश) • श्री रामहर्षण संस्कृत विद्यालय, खजुहा कला, रीवा (मध्य प्रदेश) • डीपीएस, एनटीपीसी विन्ध्यनगर, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) 🌼 ‘भक्तिरसामृतम्’ पर क्या मिलेगा? इस चैनल के माध्यम से आप श्रवण कर सकेंगे— 🙏 श्रीमद्भागवत महापुराण की भावपूर्ण कथाएँ एवं गूढ़ रहस्य 🙏 श्रीरामकथा एवं श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण के दिव्य प्रसंग 🙏 विष्णुपुराण, शिवपुराण एवं अन्य पौराणिक ग्रन्थों का आध्यात्मिक विवेचन 🙏 सनातन धर्म, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य एवं गुरु-महिमा से सम्बन्धित प्रवचन 🙏 शास्त्रीय सन्दर्भों पर आधारित धार्मिक एवं दार्शनिक चर्चा 🙏 संस्कृत-साहित्य, सूक्तियों, सदाचार एवं भारतीय संस्कृति से सम्बन्धित ज्ञानवर्धक सामग्री हमारा उद्देश्य शास्त्रसम्मत ज्ञान, भक्ति-भावना, सदाचार और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है। 📖 ग्रन्थ प्राप्ति के स्थान 1. श्री सीताराम विवाहोत्सव समैया स्थल, आचार्यपीठ, पोंड़ी कला, मैहर (मध्य प्रदेश) 2. श्री रामहर्षण मैथिल सख्यपीठ, चारुशीला मन्दिर, अयोध्या (उत्तर प्रदेश) 📞 सम्पर्क सूत्र मोबाइल: 9425390363 / 8839241063 ई-मेल: dr.bpmishradps@gmail.com 🔔 चैनल से जुड़ें🔔 यदि आप श्रीमद्भागवत, श्रीरामकथा, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक ज्ञान में रुचि रखते हैं, तो ‘भक्तिरसामृतम्’ चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like करें तथा अपने परिजनों एवं मित्रों के साथ Share करें। आपका स्नेह, सहयोग एवं शुभाशीर्वाद ही हमारी प्रेरणा है। सादर जय श्रीसीताराम! 🙏