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महाप्रजापति गौतमी से आज तक…2500 साल पुरानी परंपरा! भिक्खुनी संघ का गौरव दिवस

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महाप्रजापति गौतमी से आज तक…2500 साल पुरानी परंपरा! भिक्खुनी संघ का गौरव दिवस

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भिक्खुनी संघ स्थापना दिवस — स्थान: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, नागपुर आयोजक: बोधिपक्खिय धम्म फाउंडेशन अवसर: भिक्खुनी संघ स्थापना दिवस श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। ऐतिहासिक संदर्भ: लगभग 2500 वर्ष पूर्व महाप्रजापति गौतमी ने महिलाओं के लिए भिक्खुनी परंपरा की नींव रखी। स्त्री मुक्ति की परंपरा: भिक्खुनी परंपरा ने महिलाओं के लिए मुक्ति, समानता और निर्वाण का मार्ग प्रशस्त किया। आधुनिक भिक्खुनी परंपरा: वर्ष 1998 में 29 साहसी भारतीय महिलाओं ने बोधगया में प्रव्रज्या ग्रहण कर इस परंपरा को आगे बढ़ाया। प्रथम आधुनिक भिक्खुनियों का स्मरण: आधुनिक भारत में भिक्खुनी परंपरा को मजबूत करने वाली अग्रणी भिक्खुनियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। भिक्खुनी विशाखा महाथेरी भिक्खुनी शिलाचारा महाथेरी भिक्खुनी रूपनंदा महाथेरी भिक्खुनी धम्मशीला महाथेरी भिक्खुनी धम्मदर्शना महाथेरी भिक्खुनी संघप्रिया महाथेरी भिक्खुनी सत्यशीला महाथेरी मुख्य संदेश: भिक्खुनी धम्मदिन्ना ने भिक्खुनी संघ को अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण की आवश्यकता: आने वाली पीढ़ियों के लिए भिक्खुनी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने और व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई गई। संगठित प्रयास: भिक्खुनी संघ की प्रगति के लिए संगठन, उचित प्रशिक्षण और निरंतर धम्म कार्य को आवश्यक बताया गया। आयोजन: कार्यक्रम का आयोजन भिक्खुनी मेत्ता चित्ता और भिक्खुनी साक्य धम्मदिन्ना द्वारा किया गया। धम्ममय वातावरण: कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागृह बुद्ध, धम्म और संघ की भावना से ओतप्रोत रहा। मुख्य संदेश: ढाई हजार वर्ष पुरानी स्त्री मुक्ति और निर्वाण की परंपरा को आधुनिक समय में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।