बाबा हरिदास | लाऊ थणा कै हाथ तू बिन ब्याई हे | Sandeep Ladpur |
Balaji Movies
0:00 / 0:00
बाबा हरिदास | लाऊ थणा कै हाथ तू बिन ब्याई हे | Sandeep Ladpur |
496 просмотров · 4 дн. назад
Balaji Movies
1,26 млн подписчиков
496 просмотров · 4 дн. назад
Balaji Movies Present to You full Video of 's Brand New Bhakti Video Song
आप को ये वीडियो कैसा लगा , कृपया कमेंट करें , शेयर करें , लाइक करे , Balaji Movies चैनल को सब्सक्राइब करें.....
#sandeepladpur #babaharidas #jharodadham #chathpooja #haridas
#babaharidas
Stay Connected With Us :- https://bit.ly/3xErZuJ
#Bhajan :- लाऊ थणा कै हाथ तू बिन ब्याई हे
Singer :- Sandeep Ladpur 9971441019
Producer:- Vijay Balaji 9416691091
Writer :- Ashok Guhniya
Music:- Natraj Studio
Video & Edit :- Sam
सेवक श्री कृष्ण भगत जी हसनगढ़ धाम 8818036189
#Video Lebal :- #Balaji Movies
#Director :- #Vijay Balaji
#Office Number :- 9416691091
#Label & Copyrights :- #Balaji Movies
/ vijay.balaji.96
#Bestbhajan #Hearttouchingbhajan #balajibhajan #newbhajan #2025chetavani #parivar #balaji #balajimovies #krishanbhagathasangargdham
#कृष्ण भगत जी हसनगढ़ धाम
नई दिल्ली के झड़ोदा गांव में बाबा हरिदास जी के मंदिर की गणना देश के प्राचीन मंदिरों में की जाती है, जहां न केवल आम जानता बल्कि बड़े-बड़े राजनेता और अभिनेता भी शीष झुकाने के लिए आते हैं। इस मंदिर की प्राचीनता ही यहां की बड़ी पहचान है और यहां दर्शन करने आए भक्तों की ये मान्यता है कि इस मंदिर में मनोकामना मांगने से उनकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती है।
इस मंदिर का बाबा हरिदास जी की तपस्या और चमत्कारों से जुड़ा हुआ है, जिनकी गिनती महान संतों में की जाती है। उनकी शिक्षाएं आज भी लाखों भक्तों को मार्गदर्शन देती हैं। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं और बाबा हरिदास जी की कृपा प्राप्त करते हैं।
बाबा हरिदास जी का इतिहास
कहा जाता है कि बाबा हरिदास जी एक महान संत थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और आध्यात्मिक साधना में बिताया। कहा जाता है कि वे ईश्वर के अनन्य भक्त थे और उन्होंने सांसारिक मोह-माया को त्यागकर साधना का मार्ग अपनाया। वे सच्चाई, अहिंसा और सेवा के सिद्धांतों का पालन करते थे और लोगों को भी यही उपदेश देते थे। उनके भक्तों का मानना है कि उनके पास कई दिव्य और उनके आशीर्वाद से लोगों के कष्ट दूर हो जाते थे।
मंदिर की स्थापना और पौराणिक कथा
माना जाता है कि झड़ोदा गांव में जब बाबा हरिदास जी आए, तब यह स्थान एक घना जंगल हुआ करता था। उन्होंने यहां रहकर कठोर तपस्या की और लोगों को धार्मिक उपदेश दिए। उनकी सिद्धियों और तपस्या से प्रभावित होकर स्थानीय लोग उनके शिष्य बन गए और उनके प्रवचनों का पालन करने लगे।
एक कथा के अनुसार, जब बाबा हरिदास जी यहां पहुंचे, तो इस स्थान पर पानी की बहुत समस्या थी। उन्होंने अपनी सिद्ध शक्तियों से यहां एक जलस्रोत उत्पन्न किया, जिससे गांव वालों को पानी मिलने लगा। यह चमत्कार देखकर लोग उनकी भक्ति में लीन हो गए और उन्हें ईश्वर का अवतार मानने लगे। उनके दिव्य कार्यों को देखते हुए भक्तों ने इस स्थान पर एक मंदिर की स्थापना की, जो आज 'बाबा हरिदास जी का मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध है।
मंदिर की मान्यताएं और चमत्कार
मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं - कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से बाबा हरिदास जी के दरबार में आता है और अपनी मनोकामना व्यक्त करता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है। लोग विशेष रूप से विवाह, संतान प्राप्ति और आर्थिक उन्नति के लिए यहां प्रार्थना करने आते हैं।
जलस्रोत का महत्व - मंदिर परिसर में स्थित जलस्रोत को पवित्र माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि इस जल से स्नान करने और इसे पीने से बीमारियां दूर हो जाती हैं और मानसिक शांति मिलती है।
गुरुवार का विशेष महत्व - बाबा हरिदास जी के भक्तों के लिए गुरुवार का दिन विशेष होता है। इस दिन मंदिर में भजन-कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।