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Machan Banane Ka Ashaan Tarika

MrSahab

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Machan Banane Ka Ashaan Tarika

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MrSahab
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खेती-किसानी में फसलों की रखवाली और बेल वाली फसलों (जैसे खीरा, करेला, लौकी) को सहारा देने के लिए मचान बनाने का यह सबसे सरल, मजबूत और किफायती देसी तरीका है। आवश्यक देसी सामग्री (कम लागत) • मजबूत बांस या बल्ली: 4 से 6 मुख्य खंभे (कम से कम 8-10 फीट लंबे) • पतले बांस/लकड़ी की पट्टियां: प्लेटफॉर्म या ढांचा बनाने के लिए • सूत/प्लास्टिक की रस्सी या तार: बांधने के लिए • पुआल (पैरा), घास या पुराना तिरपाल: छत और फर्श के लिए • फावड़ा व कुल्हाड़ी: गड्ढे खोदने और छिलाई के लिए मचान बनाने की देसी स्टेप-बाय-स्टेप विधि 1. जगह का चुनाव और नींव मजबूत करना • खेत के ऐसे हिस्से का चुनाव करें जहाँ से पूरे खेत पर नज़र रखी जा सके (आमतौर पर खेत के बीच में या ऊँचे मेड़ पर)। • 4 कोनों पर 2 से 2.5 फीट गहरे गड्ढे खोदें। • देसी जुगाड़: बांस को दीमक और नमी से बचाने के लिए जमीन में जाने वाले निचले हिस्से पर जला हुआ इंजन ऑयल (मोबिल ऑयल) या ग्रीस लगा दें। 2. ढांचा (Frame) खड़ा करना • चारों गड्ढों में मुख्य बल्ली/बांस सीधे खड़े करें। • गड्ढों में मिट्टी के साथ छोटे पत्थर/ईंट के टुकड़े डालकर दुर्मुठ (लकड़ी के गुटके) से अच्छी तरह ठोक दें, ताकि तेज हवा में भी खंभा न हिले। • जमीन से लगभग 5 से 6 फीट की ऊंचाई पर चारों खंभों को आपस में जोड़ते हुए आड़े (Horizontal) बांस बांधें। 3. बैठने का मंच (Platform) तैयार करना • आड़े बंधे बांसों के ऊपर पतले बांस या बांस की पट्टियाँ बिल्कुल सटाकर बिछाएं। • इन्हें मजबूत रस्सी या लोहे के बाइंडिंग वायर से कसकर बांधें। • देसी आराम: बांस के ऊपर पुआल (घास-फूस) बिछाकर ऊपर से पुरानी बोरी या तिरपाल बिछा दें। इससे बैठने और रात में सोने में चुभन नहीं होगी। 4. छप्पर (छाया और बारिश से बचाव) • मचान के ऊपर ढलानदार फ्रेम बनाएं ताकि बारिश का पानी सीधे नीचे गिर जाए। • इस पर घास-फूस, कांस या पुराने तिरपाल का छप्पर डाल दें। • सुरक्षा के लिए: प्लेटफॉर्म के चारों तरफ 1.5 फीट की बांस की रेलिंग (अँट) जरूर बांधें, ताकि रात में नींद में नीचे गिरने का डर न रहे। 5. देसी सीढ़ी (निसैनी) • एक मोटा बांस लें, उसमें थोड़ी-थोड़ी दूरी पर कट लगाकर छोटे खांचे बनाएं, या दो बांसों के बीच छोटे डंडे बांधकर मजबूत देसी सीढ़ी बनाएं और मचान से कसकर बांध दें। देसी देखभाल और सावधानियां 1. गांठों की जांच: रस्सी की जगह यदि प्लास्टिक की सुतली या तार का इस्तेमाल करेंगे तो मचान सालों-साल धूप-बारिश में खराब नहीं होगा। 2. हवा से बचाव: यदि खेत में तेज हवा चलती है, तो मचान के चारों ऊपरी कोनों से रस्सी बांधकर जमीन में गाड़े गए खूंटों (Anchor) से खींचकर बांध दें।