अति मलीन वृषभानु दुलारी…! सूरदास जी की रचना !
Aanvarat: By anoop pandey. अनवरत
0:00 / 0:00
अति मलीन वृषभानु दुलारी…! सूरदास जी की रचना !
105 просмотров · 6 дней назад
Aanvarat: By anoop pandey. अनवरत
136 подписчиков
105 просмотров · 6 дней назад
🎵 अति मलीन वृषभानु दुलारी | Surdas Ji Bhajan | Radha Virah Geet 🎵
श्री सूरदास जी का यह अद्भुत पद भ्रमरगीत सार से लिया गया है, जहाँ गोपियाँ उद्धव से राधा जी की विरह-दशा का वर्णन कर रही हैं। कृष्ण-वियोग में वृषभानु की दुलारी राधा कैसी मलीन (उदास) हो गई हैं, कैसे उनकी साड़ी में श्रीकृष्ण के प्रेम-पसीने की महक बसी है—इस पद में उस दिव्य प्रेम और विरह की मार्मिक गाथा सुनिए।
यह भजन न केवल भक्ति रस से ओत-प्रोत है, बल्कि प्रेम, समर्पण और विरह की पराकाष्ठा को भी बखूबी बयां करता है। सूरदास जी की वाणी में राधा का वियोग केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक पूर्ण समर्पित प्रेम की अभिव्यक्ति है।
🙏 भावार्थ:
राधा जी कृष्ण के वियोग में इतनी उदास हो गई हैं कि वे अपने वस्त्र तक नहीं धुलवातीं, क्योंकि उनमें प्रियतम के प्रेम की महक बसी है। उनका मुख सदैव नीचा रहता है, जैसे हारा हुआ जुआरी, और उनका बदन कुम्हलाया रहता है जैसे पाले से मारी कमलिनी।
---
📜 पद
अति मलीन वृषभानु कुमारी।
हरि-स्रमजल अंतर-तनु भीजे, ता लालच न धुआवति सारी॥
अधोमुख रहति उरध नहिं चितवति, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी।
छूटे चिहुर, बदन कुम्हिलाने, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी॥
हरि-संदेस सुनि सहज मृतक भई, इक बिरहिनि दूजे अलि जारी।
सूर स्याम बिनु यों जीवित है, ब्रजवनिता सब स्यामदुलारी॥
---
🔔 वीडियो पसंद आए तो:
✅ चैनल को Subscribe करें
✅ वीडियो को Like करें
✅ अपने प्रियजनों के साथ Share करें
✅ कमेंट में बताएं आपको यह पद कैसा लगा
---
#Hashtags:
#सूरदास #राधाकृष्ण #भजन #वृषभानुदुलारी #भ्रमरगीतसार #राधाविरह #हिंदीभजन #सूरदासजी #भक्तिरस #ब्रजकीगोपियाँ #कृष्णविरह #राधाराणी #भजनसंग्रह #संतवाणी #हिंदीसाहित्य
#Surdas #RadhaKrishna #Bhajan #VrishbanuDulari #BhramarGeetSar #RadhaVirah #HindiBhajan #SurdasJi #BhaktiRas #BrajKiGopiyas #KrishnaVirah #RadhaRani #BhajanSangrah #SantVani #HindiLiterature #Devotional #Spiritual #IndianClassical #BhaktiSangeet #RadhaPrem
राधाष्टमी, राधा जी भजन, राधे कृष्ण.