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तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी | चतुर्थ नवरात्र माँ कूष्माण्डा भजन | Navratri Day 4 Bhajan

मंत्रोच्चारण и Mantrochcharan

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तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी | चतुर्थ नवरात्र माँ कूष्माण्डा भजन | Navratri Day 4 Bhajan

9 просмотров · 11 дней назад
मंत्रोच्चारण и Mantrochcharan
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'मंत्रोच्चारण' भक्ति एवं साधना केंद्र में आपका हार्दिक स्वागत है। पावन नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर प्रस्तुत है माँ कूष्माण्डा जी की मंद मुस्कान से ब्रह्मांड-सृजन, सूर्यलोक निवास और अष्टभुजा रूप की पावन महिमा से परिपूर्ण भावपूर्ण भजन — "जय माँ कूष्माण्डायै जय जगज्जननी, तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी"। माँ कूष्माण्डा नवदुर्गा में चतुर्थ दुर्गा हैं। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर केवल घना अंधकार व्याप्त था, तब माँ ने अपनी मंद मुस्कान (ईषत् हास्य) की एक किरण से ब्रह्मांड की रचना की। सूर्यलोक में निवास करने वाली अष्टभुजाधारी माँ अपने आठों हाथों में कमंडलु, धनुष-बाण, चक्र, गदा, अमृत-कलश, कमल और अष्ट-सिद्धि नव-निधि की जपमाला धारण करती हैं। --- 📜 भजन के संपूर्ण बोल (Exact Lyrics): [मंगलाचरण] ओम् देवी कूष्माण्डायै नमः या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः [मुख्य कोरस] जय माँ कूष्माण्डायै जय जगज्जननी तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी जय माँ कूष्माण्डा माँ दुर्गा भवानी सकल जगत की तू ही आदि कल्याणी (जय माँ कूष्माण्डा, जय माँ भवानी) [अंतरा 1] सृष्टि से पहले जब फैला था केवल अंधकार न थी रोशनी, न था कोई आकार तब तेरी मंद मुस्कान की एक किरण खिली अंड से इस पूरे ब्रह्माण्ड को सांस मिली कु का अर्थ छोटा, उष्मा ऊर्जा का नाम अण्ड से जन्मा यह सारा जग-धाम (जय माँ कूष्माण्डा, जय माँ भवानी) [मुख्य कोरस] जय माँ कूष्माण्डायै जय जगज्जननी तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी जय माँ कूष्माण्डा माँ दुर्गा भवानी सकल जगत की तू ही आदि कल्याणी [अंतरा 2] सूर्य देव के मध्य लोक में तेरा वास है तुझसे ही उनका तेज, तुझसे ही प्रकाश है अष्टभुजा धारी माँ, सिंह तेरी सवारी हाथों में कमंडल, धनुष-बाण, चक्र-गदा धारी अमृत कलश, कमल पुष्प, माला जप विधान अष्ट सिद्धि नव निधि देती तू वरदान (जय माँ कूष्माण्डा, जय माँ भवानी) [सेतु / Bridge] तू ही आद्यशक्ति माँ, तू ही परम आधार अनाहत चक्र में भरे तेरा प्रेम-अपार हृदय के सब दुख हरती तेरी भक्ति पावन पावन मन से ध्याएँ तुझे आज सब जन (ओम् देवी कूष्माण्डायै नमः) [मुख्य कोरस] जय माँ कूष्माण्डायै जय जगज्जननी तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी [समापन] हे जगदम्बे, हे माँ कूष्माण्डा तेरी मंद मुस्कान में सारा ब्रह्माण्ड ओम् देवी कूष्माण्डायै नमः ओम् देवी कूष्माण्डायै नमः --- 💡 आध्यात्मिक संदेश एवं पूजन लाभ: चतुर्थ नवरात्र पर माँ कूष्माण्डा का नित्य ध्यान करने से साधक के जीवन का अंधकार दूर होता है, अनाहत चक्र की जागृति होती है तथा अष्ट-सिद्धि और नव-निधि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मंत्रोच्चारण परिवार से जुड़ने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें और अपने परिजनों के साथ शेयर करें। जय माता दी! जय माँ कूष्माण्डा! ``` --- ``` #मंत्रोच्चारण #माँकूष्माण्डा #तेरीकृपासेचमकेयहसृष्टिघनी #नवरात्रि2026 #कूष्माण्डाभजन #चतुर्थनवरात्र #NavratriDay4 #KushmandaBhajan #Mantrochcharan #BhaktiSangeet #NavratriSpecial #DurgaPuja ``` --- `मंत्रोच्चारण, तेरी कृपा से चमके यह सृष्टि घनी, माँ कूष्माण्डा भजन, चतुर्थ नवरात्र भजन, Navratri Day 4 Bhajan, Kushmanda Mata Song, Navratri 2026 Special Bhajan, Srishti Srijan Bhajan, Mantrochcharan Songs, Hindi Devotional Music 2026, Female Devotional Vocal Bhajan`