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गणेश वंदना | Vinayak geet | Vinayak ji | बिन्याक जी | Ganesh geet | shaadi ka Ganesh ji | Gajanand

Jangid Lok Geet

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गणेश वंदना | Vinayak geet | Vinayak ji | बिन्याक जी | Ganesh geet | shaadi ka Ganesh ji | Gajanand

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Jangid Lok Geet
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बिरद बिन्यायक दूंद दूंद्यालो  ए बाबो सूंड सूंडाल्यो ओछी सी पीण्ड्या ए झण कारो वो राज मारो बिरद बिन्यायक चालो बिन्यायक आपां जोशीडा रे चालां चोखा ई चोखा सुगन मुलावां वो राज मारो बिरद बिन्यायक चालो बिन्यायक आपां सोनीडा रे चालां चोखा ई चोखा गेणला मुलावां वो राज मारो बिरद बिन्यायक चालो बिन्यायक आपां खातीडा रे चालां चोखा ई चोखा बाजोट्या मुलावां वो राज मारो बिरद बिन्यायक चालो बिन्यायक आपां गांधीडा रे चालां चोखा ई चोखा अंतरिया मुलावां वो राज मारो बिरद बिन्यायक चालो बिन्यायक आपां ब्यांयां के चालां प्यारी प्यारी बनड़ी ले आंवां वो राज मारो बिरद बिन्यायक दूंद दूंद्यालो  ए बाबो सूंड सूंडाल्यो ओछी सी पीण्ड्या ए झण कारो वो राज मारो बिरद बिन्यायक राजस्थानी लोकगीत परंपरा में विनायक गणेश जी के गीतों का विशेष महत्व है विशेषकर शादी-ब्याह और अन्य मांगलिक कार्यों में यह अति आवश्यक है यह गीत शुभारंभ के प्रतीक होते हैं और गणपति जी की कृपा प्राप्त करने के लिए गाए जाते हैं बिना गणेश वंदना के कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं होता इस गीत में विवाह के लिए सबसे पहले जोशी के घर जाना फिर सुनार खाती और इत्र व्यवसायी के पास जाकर शुभ कार्य संपन्न करने की प्रार्थना की जाती है विवाह, मुण्डन, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक अवसरों पर पारंपरिक स्वर में गाए जाने वाले इन गीतों से वातावरण भक्तिमय और मंगलमय बनता है। यह परंपरा परिवार और समाज में समृद्धि, सुख-शांति और बाधाओं के निवारण की कामना से जुड़ी हुई है। हर एक कार्य करने से पहले विनायक जी की आराधना करना आवश्यक है महिलाएं इसे पूर्ण मनोयोग एवं भक्ति भावना के साथ पवित्रता के साथ गाती है जांगिड़ लोक गीत रामविलास जांगिड़ अजमेर द्वारा स्थापित राजस्थानी लोक गीत रस धारा प्लेटफॉर्म का उद्देश्य महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले बहुत पुराने राजस्थानी लोक गीतों की समृद्ध परंपरा को संरक्षित विकसित और पल्लवित करना है इस मंच पर राजस्थानी लोक गीत भाषा और संस्कृति के अनमोल रत्नों को प्रदर्शित किया जाता है ताकि युवा पीढ़ी इनसे जुड़ सके और लोक गीतों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को समझते हुए इसे संरक्षित कर सके यह प्लेटफार्म राजस्थान के ग्रामीण जीवन लोक संगीत और पारंपरिक गीतों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है जो लोक कला के प्रति समझ और सम्मान बढ़ाने में बड़ा सहायक है इंदिरा जांगिड़ (9413 601939) प्रबंधक जांगिड़ लोक रस धारा 18 उत्तम नगर घूघरा अजमेर (राजस्थान) 305023