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वंदे मातरम्: जब राष्ट्रगीत नृत्य में साकार हुआ | One Song, Many Dance Traditions, One India

Indira Gandhi National Centre for the Arts

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वंदे मातरम्: जब राष्ट्रगीत नृत्य में साकार हुआ | One Song, Many Dance Traditions, One India

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Indira Gandhi National Centre for the Arts
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जब ‘वंदे मातरम्’ केवल गाया नहीं जाता, बल्कि नृत्य की मुद्राओं में दिखाई देने लगता है… भारत की विविध शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के माध्यम से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की यह प्रस्तुति अपने आप में एक अनूठा सांस्कृतिक प्रयोग है। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना संगीता चटर्जी के कथक से लेकर भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम तक—हर शैली अपनी अलग भाषा, लय और भाव में भारत माता को नमन करती है। अलग-अलग परंपराएँ, अलग-अलग मुद्राएँ, लेकिन भाव एक—वंदे मातरम्। इस विशिष्ट प्रस्तुति की परिकल्पना IGNCA के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और संगीता चटर्जी ने मिलकर इस विचार के साथ की कि ‘वंदे मातरम्’ को भारत की विविध शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के माध्यम से एक साझा मंच पर अभिव्यक्त करना अपने आप में एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव होगा। हिन्दुस्तानी और कर्नाटक संगीत तथा शास्त्रीय वाद्ययंत्रों का संगम इसे केवल एक नृत्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक ही सुर, एक ही भाव और एक ही राष्ट्रगीत में देखने का अनुभव बना देता है। यहाँ वंदे मातरम् सुनाई भी देता है… और दिखाई भी देता है। एक गीत। अनेक नृत्य परंपराएँ। एक भारत। वंदे मातरम्। #VandeMataram #VandeMataram150 #IGNCA #IndianClassicalDance #ClassicalDance #Kathak #Bharatanatyam #Odissi #Kuchipudi #Mohiniyattam #IndianCulture #CulturalHeritage #EkBharatShreshthaBharat #UnityInDiversity #AzadiKaAmritMahotsav #HarGharTiranga #India #OneIndia #CulturalDiversity #IndianHeritage