Radio Play - 'NASHA' by Munshi Premchand
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नशा ( 27.7.2020)
मुंशी प्रेमचंद की कहानी “नशा” का यह नाट्य-रूपांतर, ईश्वरी एवं बीर नाम के दो युवकों की कहानी है जो कॉलेज में एक साथ पढ़ते और रहते हैं | ईश्वरी एक धनवान ज़मींदार परिवार का बेटा है और बीर एक क्लर्क का। कॉलेज की बहसों में बीर,अक्सर ज़मींदारों के तौर-तरीक़ों की आलोचना करता रहता है और ज़मींदारों के रहन-सहन को विलासिता और अनैतिक मानता है। ज़मींदारों पर की जाने वाली आलोचनात्मक टिप्पणियों के बावजूद ईश्वरी का व्यवहार मित्रवत ही बना रहता है।
एक बार छुट्टियों में ईश्वरी, बीर को अपने साथ अपने गाँव ले जाता है जहाँ वह बीर का परिचय एक ऐसे धनवान ज़मींदार के रुप में कराता है जो कि महात्मा गांधी का भक्त होने के कारण धनवान होते हुए भी निर्धन का सा जीवन व्यतीत करता है। इस परिचय से बीर की धाक जम जाती है और परिवार और गाँव के लोग उसे ‘गांधीजी वाले कुंवर साहब’ के नाम से जानने लगते हैं।
झूठे परिचय और स्वागत सत्कार में अन्धा होकर बीर का व्यवहार बदल जाता है और वो वहां वैसा ही करने लगता है जिन बातों के लिए, पहले वह ज़मींदारों की निन्दा किया करता था लेकिन झूठ-मूठ के ‘कुंवर साहब’ का नशा टूटते देर नहीं लगती। प्रेमचंद की इस कहानी को पढ़कर रहीम का दोहा याद आएगा आपको –
जो रहीम ओछौं बढ़े, तो अति ही इतराए।
प्यादा जब फ़रज़ी भए, टेढ़ो-टेढ़ो जाए।।
मुंशी प्रेमचंद की यह कहानी रोचक भी है और इसमें समाज और मानव-व्यवहार का वास्तविक चित्रण भी है। सच है कि जिसके पास धन,सत्ता, संसाधन और सुविधाएं हैं, वह उनका उपभोग अवश्य करता है। जिसके पास यह सब नहीं है, वह इस उपभोग की निन्दा करता है, उसको अनैतिक बताता है और वह भी इसीलिए क्योंकि उसको वह सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि किसी कारण से वही सुविधाएं उपलब्ध हो जाती है, तो बीर की तरह निन्दक भी उसके उपभोग में पीछे नहीं रहता। संक्षेप में कहें तो असुविधाओं और अभावों में जीवन बिताने वाले हर व्यक्ति में एक ‘बीर’ छुपा हुआ है |
Title : NASHA
Writer : Munshi Premchand
Hindi Adaptation : Vinod Kumar
Director : Vijay Laxmi Sharma
Assistance in production : Arvind Kumar
Artists: Rajesh Ahuja, M.H.Niyazi, Braj Mohan Yadav, S.P.Ilahabadi, S.M.Sharif, Sunil Saxena, Sanjay Verma, Rajeev Saxena, Neeru Aggrawal
(Refurbished by Sh.Vinod Kumar, Programme Executive, CDU,DG; AIR.)
A presentation of Central Drama Unit, DG; AIR.