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जब शैतान का जिंदा रहना जरूरी हो गया! 😈 | खलील जिब्रान की कहानी | आवारा मसीहा

Aawara Maseeha

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जब शैतान का जिंदा रहना जरूरी हो गया! 😈 | खलील जिब्रान की कहानी | आवारा मसीहा

51 просмотр · 2 нед. назад
Aawara Maseeha
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क्या आपने कभी सोचा है कि अगर दुनिया से सारी बुराइयाँ खत्म हो जाएँ, तो उन लोगों का क्या होगा जिनकी जिंदगी ही बुराई से लड़ने के नाम पर चलती है? खलील जिब्रान की कहानी 'शैतान' इंसान के स्वार्थ, पाखंड और डर के पीछे छिपे सच को सामने लाती है। कहानी में एक धर्मगुरु को एहसास होता है कि जिस शैतान को वह दुनिया का दुश्मन मानता है, कहीं न कहीं उसी के अस्तित्व पर उसकी अपनी प्रतिष्ठा और जीविका भी निर्भर है। यह कहानी सिर्फ धर्म या शैतान के बारे में नहीं है, बल्कि इंसान की उस प्रवृत्ति के बारे में है, जिसमें वह कभी-कभी किसी समस्या को खत्म करने के बजाय उसे बनाए रखने में अपना फायदा देखने लगता है। इस वीडियो में मैंने खलील जिब्रान की इस कहानी और उससे जुड़े कुछ विचारों पर अपनी बात रखी है। यह कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं, बल्कि एक सवाल है, जिस पर हम सबको सोचना चाहिए। क्या अच्छाई के अस्तित्व के लिए बुराई का होना जरूरी है? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताइए। अगर आपको साहित्य, दर्शन और जिंदगी से जुड़े ऐसे सवालों पर बातचीत पसंद है, तो आवारा मसीहा के साथ जुड़े रहिए। #KhalilGibran #Shaitan #AawaraMasih #HindiLiterature #Philosophy #HindiBookDiscussion #HumanPsychology #HindiThoughts #Literature #EvilAndGood